डेमोक्रेटिक यूथ आर्गेनाइजेशन व सचेत नागरिक मंच के तत्वावधान में मंगलवार को नारनौल के नागरिक अस्पताल चिकित्सकों की कमी के चलते नागरिक अस्पताल में धरना देकर मांगों के लेकर एक ज्ञापन सीएमओ के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन सदस्यों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि जिले के तमाम नागरिक अस्पतालों में चिकित्सकों की भारी कमी है। जिससे आम जनता को प्राइवेट अस्पतालों में मंहगा इलाज लेना पड़ता है। कामरेड महावीर सैनी ने कहा कि सरकार जान बूझकर सरकारी अस्पतालों में सुविधा का अभाव रखती है, जबकि पंचकूला में 6 की जगह 24 एसएसओ हैं। कामरेड बलबीर ने कहा कि हर मरीजों को हर प्रकार की दवाई अस्पतालों में ही उपलब्ध करवाई जाएं तथा अर्बन डिस्पेंशरी जो बंद कर दी है उसे दोबारा से चालू किया जाएं। वहीं कामरेड बिजेंद्र सिंह ने कहा कि नारनौल में बनाए गए ट्रामा सेंटर तुरंत चालू किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए नागरिक अस्पतालों में शल्य चिकित्सक, हड्डी रोग विशेषज्ञ, आंख विशेषज्ञ व स्त्री रोग आदि के पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ लगाए जाएं, ताकि लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में मंहगा इलाज न लेना पड़े। इसके अलावा नारनौल के पुराने टीबी अस्पताल में विशेषज्ञ नियुक्त कर चालू किए जाएं, प्रत्येक मरीज को पर्याप्त दवाई अस्पताल से ही उपलब्ध करवाई जाएं, प्रसूति वार्ड में बेड की संख्या 100 की जाएं, वर्तमान में जरूरत के हिसाब से बेडों की संख्या काफी कम है, ईईजी, अल्ट्रासाउंड सहित जांच के लिए हर प्रकार की व्यवस्था की जाए तथा पटीकरा में आयुष अस्पताल को तुरंत प्रभाव से चालू किया जाए। इस मौके पर कामरेड सुभाष, कामरेड सतीश, कामरेड शेरसिंह, कामरेड अभय सिंह आदि वक्ताओं ने धरने को संबोधित किया।