नारनौल। अटल भूजल योजना के तहत महेंद्रगढ़ खंड के गांव जाटवास के आंगनबाड़ी परिसर में महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें जांच की किट भी दी गई। इस दौरान जल संरक्षण के प्रेरित किया गया।
विशेषज्ञ तुषार तांबेकर और जिला भूजल विज्ञानी रोहित शुक्ला की देखरेख में प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इस दौरान सिविल इंजीनियर अविनाश पतंगे ने कहा कि पानी सभी की जरूरत है। अटल भूजल योजना के तहत खंड के सभी गांवों में जल परीक्षण किट का वितरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम रखा जाएगा। इसमें प्रत्येक ग्रामवासी अपने पेयजल और भूजल की जांच आसानी से स्वयं कर सकते हैं। मुख्य प्रशिक्षक भूजल विज्ञानी डॉ. मुकीम अहमद और ओंकार कड़ेकर ने महिलाओं को पानी की जांच के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पानी में क्लोराइड, फ्लोराइड, नाइट्रेट, आर्सेनिक, पीएच, आयरन, हार्डनेस व अल्किनिटी आदि की जांच होती है।
जनसंपर्क विशेषज्ञ मंजू यादव ने दूषित पानी के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। इस दौरान सुमन देवी, मंजू देवी, सरिता, रामकला देवी, परमेश्वरी देवी, ओमबाई, रेखा, संजू, सावित्री, सुनील, सुमित्रा, सुशीला, ममता, रजनेश कुमारी, गीता देवी व ईश्वर देवी मौजूद रहीं।