महेंद्रगढ़। केवीके प्रांगण में सोमवार को एक दिवसीय कपास फसल की उन्नत कृषि क्रियाओं व गुलाबी सुंडी के नियंत्रण पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के 60 किसानों ने भाग लिया।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं विस्तार कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित किया गया। कपास फसल की उन्नत कृषि क्रियाओं, समन्वित कीट प्रबंधन एवं गुलाबी सुंडी के नियंत्रण पर विस्तार से जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ संयोजक व शस्य वैज्ञानिक डाॅ. रमेश कुमार ने अधिकारियों को कपास फसल की उन्नत किस्मों, खरपतवार नियंत्रण तथा उन्नत कृषि क्रियाओं से अवगत कराया। वरिष्ठ कीट वैज्ञानिक डॉ. जयलाल यादव ने गुलाबी सुंडी के लक्षण, उनकी पहचान तथा रोकथाम के तरीकों बताए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष गुलाबी सुंडी कपास की फसल का उत्पादन प्रभावित करती है। सही समय पर सही उपचार माध्यम से किसान इससे छुटकारा पा सकते हैं।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र यादव ने कपास फसल पर लगने वाली विभिन्न बीमारियों एवं उनके नियंत्रण की जानकारी दी। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजपाल यादव एवं डॉ. आशीष शिवरान विशेष रूप से उपस्थित रहे। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल कृषि अधिकारी डाॅ. अजय यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों का धन्यवाद किया।