फोटो नंबर- 21नारनौल स्थित नई अनाज मंडी में व्यापारियों द्वारा खरीदे गए बाजरे का उठान करते
नारनौल। भावांतर के तहत बाजरे की खरीद को 23 दिन बीत चुके हैं लेकिन सरकारी खरीद के तहत अब तक बाजरे की खरीद शून्य पर ही टीकी हुई है। बाजरे की सरकारी खरीद तो दूर बाजरे की गुणवत्ता जांच करने के लिए खरीद अधिकारी मंडी ही नहीं आ रहे।
वहीं सरकारी खरीद नहीं होने के कारण व्यापारी भी बाजरे की खरीद केवल 1850 से 2 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कर रहे हैं। इस कारण वह किसान भी अपना बाजरा कम दाम पर बेचने को मजबूर है जिनके बाजरे की गुणवत्ता सही है।
वहीं कुछ दिनों से मंडियों में बाजरे की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। किसानों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि बाजरे की खरीद मूल्य पर भावांतर दिया जाए।
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व्यापारियों द्वारा की जा रही बाजरे की खरीद
खरीद शुरू होने के बाद से अब तक गत 22 दिनों में नारनौल में 3676, नांगल चौधरी में 165 और अटेली में 5621 गेटपास जारी किए गए। नारनौल में 106923, नांगल चौधरी में 5287 और अटेली में 156534 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। तीनों मंडियों में सरकारी खरीद अभी तक शून्य है और केवल व्यापारियों द्वारा बोली लगाकर खरीद की गई है। अब तक नारनौल में 76364, नांगल चौधरी में 5050 और अटेली में 119150 क्विंटल बाजरे की खरीद व्यापारियों ने की है। तीनों मंडियों में अब तक व्यापारियों ने कुल 200924 क्विंटल बाजरे की खरीद की है।
वर्जन
बाजरे की गुणवत्ता जांचने व खरीद के लिए अलग-अलग मंडियों में अधिकारी व कर्मचारी नियुक्त किए गए है। तय मानक पूरे होने पर ही बाजरे की खरीद की जाएगी। भावांतर राशि में बढ़ोतरी के बारे में अब तक कोई निर्देश जारी नहीं हुए है। -प्रवीण भारद्वाज, जिला प्रबंधक, हैफेड, नारनौल।