फोटो संख्या:57- गांव भगड़ाना में श्रीमद्भागवत कथा में कथा सुनती महिलाएं--स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। गांव भगड़ाना में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कथा सुनाई गई। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाललीला, गोवर्धन पूजा, गोवर्धन पर्वत की झांकी निकाली गई।
शुक्रवार को कथावाचक पंडित कुलदीप भारद्वाज ने कहा कि जहां पर इंद्रियों हो और उन सभी इंद्रियों पर मन का निग्रह हो उसे गोकुल कहते है। गौ का मतलब है कि इंद्रियां और कुल का अर्थ जहां पर विशुद्ध इंद्रियों का समूह हो उस विशुद्ध हृदय में ही प्रभु प्रकट होते हैं। प्रभु के आदेश से ही गोलोक धाम में यमुना जी ब्रज में आई श्रीगिरिराज भी विराजमान किए गए। गोपी ग्वाल वालों ने भी ब्रज में जन्म लिया। ऐसे पवित्र ब्रज में श्रीकृष्ण प्रकट होकर भक्तों को लीला का दर्शन कराया। कथा के दौरान कथाव्यास ने श्री गोवर्धन महाराज थारे सिर पर मुकुट विराज रहो जैसे भजनों के माध्यम से खूब भक्ति रस बरसाया। इस मौके पर कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।