फोटो संख्या:74- गांव बाघोत में मृतक मोहित के परिजनों से मिलने बाद विचार-विमर्श करते एसडीएम जित
- फोटो : संवाद
कनीना (महेंदगढ़)। उप मंडल के गांव बाघोत के मोहित के सुसाइड मामले में हाईकोर्ट के आदेशों को लेकर वीरवार को एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह और कनीना थाना प्रभारी के साथ पीड़ित के घर पहुंचे। उन्होंने दिवंगत के परिजनों से शव का अंतिम संस्कार करने बारे पूछताछ की। परिजनों ने शुक्रवार को अंतिम संस्कार करने की सहमति जताई।
बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश हरप्रीत सिंह बरार ने डीजीपी हरियाणा को अन्य जिले के आईपीएस से एसआईटी गठित करके जांच करने व मृतक के परिजनों को तीन दिन में अंतिम संस्कार करने के आदेश दिए थे। वीरवार को एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह ने परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ कानूनगो उमेश जागड़, सदर थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार व अन्य पुलिस कर्मचारी रहे।
बता दें कि 13 दिसंबर को कैलाश पुजारी के बेटे मोहित ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। कैलाश पुजारी ने आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने वाले के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी मामला दर्ज न करने पर हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने 16 जनवरी को पुलिस प्रशासन को टीम गठित कर मामले की जांच करने व शव का अंतिम संस्कार तीन दिनों के के अंदर किए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन उसके परिजनों ने मामला दर्ज न करने पर शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था। वीरवार को परिजनों ने एसडीएम के समक्ष शव को लेने और अंतिम संस्कार करने की सहमति जताई है।