तीन पार्षदों को बैठक में शामिल करने को लेकर नगर पालिका चेयरपर्सन ने बैठक को स्थगित कर दिया।
करीब 40 मिनट चली बैठक में पार्षदों-चेयरपर्सन के बीच बहस होती रही। दोनों पक्ष एक दूसरे पर कई तरह के आरोप लगाते रहे। इस दौरान तीन निलंबित पार्षदों के पहुंचने पर विरोध में चेयरपर्सन बैठक छोड़कर चली गईं। करीब छह महीने बाद बुलाई गई सदन की बैठक में किसी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी। बैठक के बाद नगर पालिका प्रधान ने सचिव को नोटिस जारी कर 9 सवालों पर जवाब मांगा है। बैठक को लेकर अदालत में भी करीब ढाई घंटे तक बहस हुई।अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 17 फरवरी की अगली तारीख तय की है।
नगर पालिका सदन की बैठक मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे नपा कार्यालय में चेयरपर्सन रीना गर्ग की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक में नगर पालिका में उपप्रधान रमेश बोहरा ने कहा कि बैठक में विकास के मुद्दों को शामिल क्यों नहीं किया गया। जिस पर चेयरपर्सन बोलीं हम जब भी विकास कार्य के लिए टेंडर डालते हैं तो आप लोग शिकायत लेकर पहुंच जाते हो। टेंडर को रुकवा देते हो। जिसपर रमेश बोहरा ने कहा कि विकास कार्य से किसने रोका है, काम कराना हो तो प्रस्ताव पास करके कराओ। फिर चेयरपर्सन ने कहा कि नपा में म्युनिसिपल इंजीनियर का पद खाली है आप एमई ले आओ हम काम कराने को तैयार हैं। उपप्रधान रमेश बोहरा ने कहा कि आज जब अदालत में बैठक करने को लेकर सुनवाई हो रही है तो मीटिंग क्यों कर रहे हो। इस पर रीना गर्ग ने कहा मीटिंग पर किसी तरह की रोक नहीं है। मीटिंग तो हर हाल में होगी। आप मुद्दे पर बात पर आओ प्रस्ताव पर चर्चा करो। हर एक प्रस्ताव पर विचार करने के बाद अपनी सहमति या असहमति प्रकट करें। रमेश बोहरा ने कहा कि आप इस तरह से तेज आवाज में बात न करें। रीना गर्ग बोली मेरी आवाज तो शादी से पहले से ही तेज है। हमें तो नगर पालिका में अधिकारी भी हमारा सहयोग नहीं करते। जिस पर कुछ अधिकारियों ने विरोध जताया।
करीब 11 बजकर 40 मिनट पर पार्षद अमित मिश्रा, नरेंद्र खन्ना, कमलेश तायल बैठक में पहुंच गए। चेयरपर्सन रीना गर्ग ने कहा कि यह मीटिंग में कैसे आ गए अदालत ने इनको निलंबित किया गया है। सचिव नवल किशोर ने कहा कि मेरे पास डीसी का लेटर आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर किसी सक्षम अदालत की ओर से प्रतिबंधित नहीं है तो पार्षद अमित मिश्रा, कमलेश तायल, नरेंद्र खन्ना को बैठक में शामिल होने के बारे में उचित कार्रवाई करें। सचिव ने पार्षद अमित मिश्रा व नरेंद्र खन्ना की हाजिरी रजिस्टर में दर्ज करा ली। जिस पर चेयरपर्सन बैठक छोड़कर बाहर आ गईं। फोन पर कुछ सेकेंड बातचीत करने के बाद दोबारा से मीटिंग में पहुंची। उन्होंने कहा कि सचिव चेयरपर्सन के आदेश को नहीं मान रहे इस कारण बैठक को स्थगित की जाती है।
बैठक की वीडियो रिकार्डिंग कराई
नगर पालिका की मीटिंग की पहली बार वीडियो रिकार्डिंग कराई गई। जिसमें बैठक के शुरू होने से अंत तक की रिकार्डिंग कराई गई। बैठक कक्ष के बाहर नोटिस चस्पाया गया। अब तक हुई नगर पालिका की किसी भी बैठक की वीडियो रिकार्डिंग नहीं कराई गई थी।
मीडिया को कवरेज से रोका
मीटिंग में मीडिया को भी कवरेज नहीं करने दिया गया। बैठक कक्ष के बाहर चतुर्थ श्रेणी कर्मी को तैनात किया गया। जिसने किसी भी मीडियाकर्मी को अंदर नहीं जाने दिया। जब मीडिया कर्मियों ने फोटो के लिए अंदर जाने का प्रयास किया तो चतुर्थ श्रेणी बदतमीजी पर उतर आया।
एजेंडे के प्रस्तावों पर उठाए सवाल
वार्ड नंबर एक के पार्षद डॉ. तरूण ने एजेंडे में शामिल प्रस्तावों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव नंबर 5 में हुड्डा पार्क की जमीन को रैन बसेरा बनाने के नाम पर फ्रॉड कर किसी चहेते को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बारे में पहले संस्थाओं से आवेदन लेने चाहिए उसके बाद तय किया जाए। ऐसे किस आधार पर एक संस्था को चुन लिया गया।
भवन मैप का प्रस्ताव एजेंडा में क्यों
उपप्रधान रमेश बोहरा ने कहा कि अब भवन मैप पास करने का काम ऑनलाइन हो चुका है। जिसमें पार्षदों की किसी तरह की भागीदारी नहीं। ऐसे में भवन मैप के प्रस्ताव पारित करने के लिए इनको एजेंडें में शामिल क्यों किया गया। बैठक में इस एजेंडे को लाकर चेयरपर्सन की ओर से जनता को परेशान किया जा रहा है।
एजेंडे में सड़कों-गलियों के निर्माण का प्रस्ताव क्यों नहीं लाए
मनोनीत पार्षद महेंद्र प्रजापत ने कहा कि शहर की सभी गलियां, सड़कें टूटी पड़ी हैं। तीन साल से जनता जर्जर सड़कों से गुजरने को मजबूर हो रही है। करीब पांच महीने बाद बुलाई गई इस बैठक के एजेंडे में गलियों- सड़कों के निर्माण का एक भी प्रस्ताव शामिल क्यों नहीं किया गया।