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रंगदारी केस: अन्ना गैंग के तीन गुर्गें गिरफ्तार, शभर में दहशत फैलाने की थी साजिश

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नारनौल। बीजेपी नेता और कारोबारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने अन्ना गैंग के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। तीनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया गया। जहां से आरोपी सोमबीर को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है जबकि दो अन्य को नसीबपुर जेल भेज दिया गया।
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पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया पिछले महीने 27 व 28 अगस्त को मोहल्ला नई सराय में रवरिशंकर गुप्ता व हुडा सेक्टर में भाजपा नेता दयाराम से 50-50 लाख की रंगदारी मांगी थी। आरोपियों ने बीजेपी नेता के बेटे के पैर में गोली मार दी थी। शहर में दो लगातार रंगदारी की वारदातों से भय का माहौल बन गया था। पुलिस के लिए आरोपियों को पकड़ना एक चुनौती बन गई थी। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई। पुलिस ने पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड को खंगाला और जमानत पर आए अपराधियों से भी पूछताछ की। 48 घंटे में ही पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले। पहली वारदात में मौके पर मिली बाइक जो आरोपी छोड़कर भाग गए थे, हांसी से चोरी हुई थी। इससे अंदाजा हो गया कि वारदात में बाहर के लोग भी शामिल हैं। जिसमें एक नया गैंग प्रदीप उर्फ अन्ना का हाथ होने का सुराग मिला। नए पुलिस कप्तान ने सीआईए के साथ बैठक कर आरोपियों को पकड़ने की रणनीति तैयार की। इस गैंग के तीन गुर्गों को पुलिस ने बीती रात नसीबपुर से धर दबोचा। उनकी पहचान गांव उमरा हिसार निवासी सोमबीर, हांसी निवासी रोहित और धानौता निवासी राकेश के रूप में हुई। तीनों को शुकवार को कोर्ट में पेश किया गया। इसमें आरोपी सोमबीर को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अन्य दोनों आरोपियों को कोर्ट ने नसीबपुर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी अन्ना अभी फरार है।
गुरुग्राम के झाड़सा का है गिरोह का सरगना
प्रवक्ता ने बताया इस गैंग का लीडर प्रदीप उर्फ अन्ना गुरुग्राम के झाड़सा गांव का है। 23 जून से नसीबपुर में किराये का मकान लेकर रहता था। कुछ दिन से शहर नारनौल में रेकी कर रहा था। जिसने लोगों से फिरौती मांगने की साजिश रची। आरोपी चाहता था कि लोगों मे इतनी दहशत फैले की फिरौती मांगते ही लोग रुपये दे दें। इस काम के लिए आरोपी ने बाहर के 8से 10 लड़कों को अपनी गैंग में शामिल कर लिया ताकि पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहे। जिसमें दो लड़के लोकल और अन्य दूसरे जिले के शामिल किए। इसके लिए प्रदीप उर्फ अन्ना ने 5-6 उन लोगों को टारगेट किया, जिनसे फिरौती मांगी जाए। शहर में दहशत का माहौल बन सके। इसलिए पहले इन दो लोगों से रुपये की मांग की। इसके बाद अन्य से रंगदारी मांगी जानी थी।
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सीआईए नारनौल को मिली कामयाबी
सीआईए नारनौल ने पहली वारदात के बाद इस गिरोह का सुराग मिला। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर और भी खुलासे हो सकते हैं। इस कार्य मे सीआईए इंचार्ज अनिल कुमार, एसआई शिव कुमार, एएसआई अशोक कुमार, एचसी घनश्याम, योगेश, राकेश, भूपेंद्र व सिपाही आकाशदीप, रोहित, वीरेंद्र, साइबर सेल से एचसी विकास और पूरी टीम साइबर शामिल थे।
तीनों आरोपियों में दो छात्र और एक मिस्त्री
आरोपी धानौदा निवासी राकेश एचएससी की कोचिंग ले रहा था। राकेश की पहचान प्रदीप से लॉकडाउन से पहले हुई थी। बाद आरोपी गैंग लीडर प्रदीप से राकेश की नसीबपुर होटल में मुलाकात हुई थी। तभी से यह गैंग लीडर के संपर्क में था। आरोपी रोहित 12वीं पास कर फर्स्ट ईयर में पढ़ता है। इसके खिलाफ हांसी थाना शहर में पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है। आरोपी भी प्रदीप उर्फ अन्ना से दो महीने पहले ही संपर्क में आया था। तीसरा आरोपी सोमबीर जो तोशाम में मिस्त्री का काम करता है, इसी ने रोहित की मुलाकात प्रदीप उर्फ अन्ना से कराई थी। आरोपियों को हथियार प्रदीप ने ही मुहैया कराया था। वारदात करने के बाद आरोपी एक दिन नसीबपुर में ही रहे। जब उन्हें पता चला कि पुलिस सक्रिय हो गई है तो ये सभी फरार हो गए।
सीआईए ने पहले भी एक ओर गैंग की थी गिरफ्तार
करीब दो माह पहले भी नारनौल के एक कपड़ा व्यपारी से घर पर गोली चलाकर जान से मारने का भय दिखाकर फिरौती मांगी गई थी। इस वारदात में सीआईए ने आरोपी जोगेंद्र व चन्द्रशेखर उर्फ मोंटी हुडीना को गिरफ्तार किया था इन आरोपियों ने भी शहर में दहशत फैलाकर रंगदारी मांगने की साजिश रची थी।
एसपी की रडार पर अपराधी
प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन ने अपराधियों की सूची मांगी है, जो बार-बार अपराध करते हैं। ऐसे आरोपी कोर्ट से जमानत पाकर फिर वारदात करते हैं। अब इस अपराधियों पर पुलिस अधीक्षक की कड़ी नजर रहेगी। अब इन अपराधियों का किसी वारदात में हाथ हुआ तो इनके साथ सख्ती बरती जाएगी। एसपी ने कहा कि अपराध व अपराधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा।
रंगदारी के मामले में तत्कालीन एसपी का हुआ था तबादला
शहर में लगातार दो रंगदारी के केस आने पर यह मामला गंभीर हो गया था। इसमें एक बीजेपी नेता से 50 लाख की रंगदारी मांगने और बेटे को गोली मारने के बाद राजनैतिक मामला हो गया था। इसी मामले में राज्यमंत्री का एक कथित आडियो वायरल हुआ था। इसमें वह पूर्व एसपी पर कई आरोप लगाए थे। इसके बाद एसपी का तबादला हो गया। दूसरी ओर एसपी ने एक मंत्री पर केस दर्ज करा दिया था।
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