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अवैध भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में तीन गिरफ्तार

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स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में तीन लोगों को काबू किया है। आरोपियों से मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन और नकदी बरामद की है। सिटी थाना पुलिस ने सोमवार को केस दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से एक आरोपी दो बार पहले भी पकड़ा जा चुका है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।
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जिला समुचित प्राधिकरण के चेयरमैन (सिविल सर्जन) डॉ. अशोक कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि नारनौल और राजस्थान की सीमा के आसपास भ्रूण लिंग जांच का गिरोह सक्रिय है। इस पर उप सिविल सर्जन डॉ. अरुण कालड़ा, उप सिविल सर्जन डॉ. हर्ष चौहान, जिला औषधि नियंत्रक हेमंत ग्रोवर व संजीव की टीम गठित की। टीम की सहायता के लिए सिटी थाना पुलिस की टीम साथ ली। टीम ने एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर भ्रूण लिंग जांच के लिए गिरोह के सदस्य से संपर्क किया। बातचीत होने पर सौदा 25 हजार रुपये तय हुआ। रविवार की शाम भ्रूण लिंग जांच के लिए रेवाड़ी रोड नीरपुर गांव में पेट्रोल पंप के पास महिला को बुलाया गया। जहां से शाहपुर दोयम निवासी उमेश गाड़ी में केवल गर्भवती महिला को भ्रूण लिंग जांच के लिए मंडाना रोड पर ले गया। राजस्थान व हरियाणा बॉर्डर पर एक खेत में भ्रूण लिंग जांच करके गर्भ में लड़का होना बताया। आधे घंटे बाद जब भ्रूण लिंग जांच के बाद उमेश वापस छोड़ने आया तो नीरपुर चौक के पास टीम ने उसे पकड़ लिया। आरोपी से मौके पर दस हजार रुपये मिले, जो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दिए थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि महिला की भ्रूण लिंग जांच जितेंद्र निवासी निहालपुरा राजस्थान ने की है। जिस पर टीम उमेश को साथ ले जाकर मौके से जितेंद्र को पकड़ा। आरोपी के पास से 15 हजार रुपये व मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की। जितेंद्र को पहले भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 2018 में निहालपुरा में व पिछले साल अगस्त में भुंगारका में पकड़ा था। दो महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। आते ही फिर से भ्रूण जांच शुरू कर दी। इसके अलावा टीम ने खेत के मालिक शीशराम के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खेत में जांच की गई थी। पुलिस ने तीनों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया है। आरोपी चीन निर्मित अल्ट्रासाउंड मशीन को वाई फाई से मोबाइल से जोड़कर जांच करते थे।
31 जनवरी को एक रैकेट पकड़ा गया था
इस साल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 31 जनवरी को राजस्थान बॉर्डर दो लोगों को काबू किया था। आरोपियों ने 70000 रुपये की मांग की। 50 हजार ऑनलाइन पेमेंट होने पर भ्रूण लिंग की जांच की थी। पुलिस ने जालु सिंह व अजय को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सोमवार को दूसरी कार्रवाई की गई।
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पिछले साल लिंगानुपात में आई थी गिरावट
पिछले साल कोरोना महामारी के कारण पीएनडीटी की कार्रवाई पर भी असर पड़ा था। इससे पिछले साल लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई थी। इसे देखते हुए विभाग ऐसे लोगों पर नजर रखे हुए है। इस साल ऐसे दो गिरोह को पकड़ा जा चुका है। साल 2019 में 916, जबकि 2020 में 902 लिंगानुपात रहा था। इसके बाद विभाग ने गांव स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है।
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जिले में लिंगानुपात
साल लिंगानुपात
2014 738
2015 809
2016 847
2017 881
2018 898
2019 916
2020 902
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