दिनभर हुक्के की गुड़गुड़ाहट के साथ बनते-बिगड़ते समीकरण पर चुनावी चौपाल में लोग मंथन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार एक-दूसरे के आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में स्थानीय मुद्दे फीके हो चुके हैं। कोई भी प्रत्याशी शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, विकास, क्षेत्र में पर्याप्त नहरी पानी, युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर कोई बयान तक नहीं दे रहा है। भाजपा के दिग्गज नरेंद्र मोदी का गुणगान कर रहे हैं और अन्य पार्टियों के भावी सांसद एक-दूसरी पार्टियों के नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।
स्थानीय समस्याओं और मुद्दों पर कोई नहीं कर रहाचर्चा
बुधवार को जब अमर उजाला टीम महेंद्रगढ़ की यादव सभा में पहुंची तो सभा के प्रधान अभयराम, विनोद शर्मा, रोहताश सिंह, संतोष, जगदीश प्रसाद, बहादुर सिंह, रामस्वरूप, अमर सिंह, सूबे सिंह, मास्टर लक्ष्मीनारायण, छाजु राम, बाबू मलखान सिंह, प्रो. बस्तीराम खैरवाल, पूर्व प्राचार्य महेंद्र, सज्जन सिंह ने बताया कि इस बार लोकतंत्र की इस सबसे बड़ी पंचायत में स्थानीय मुद्दों पर कोई भी बात नहीं कर रहा है।
क्षेत्र में नहरी पानी उपलब्ध कराने, विकास, स्वास्थ्य के मूलभूत ढांचे में सुधार, डार्क जोन में शामिल जिले में पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध कराने, आईएमटी जैसी परियोनाओं को सिरे चढ़ाने, शिक्षा के मूलभूत ढांचे में सुधार, शहर के बदहाल सड़कों और लंबे समय से अटके विकास को लेकर किसी भी प्रत्याशी ने आज तक कोई चर्चा तक नहीं की है। जिले में सबसे बड़ी समस्या लचर स्वास्थ्य सेवाएं हैं, लेकिन इन पर कोई मंथन करने को तैयार नहीं है।
पहले राजनीति और राजनेता साफ-सुथरी राजनीति करते थे, लेकिन इस चुनावों में महिमामंडन व एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। क्षेत्र का युवा बिना किसी उद्देश्य के एक अंधी दौड़ में शामिल होकर अपने चहेतों की जय-जयकार में मस्त है। अपने सुनहरे भविष्य के लिए कोई योजना तक नहीं बना रहे हैं। सभी का मानना है कि पार्टी प्रत्याशियों से जनता सीधे सवाल करे और क्षेत्रीय मुद्दों, विकास एवं रोजगार को लेकर नेताओं व पार्टियों की योजनाओं के बारे में खुलकर चर्चा करे।