महेंद्रगढ़। ग्रामीण रूटों पर बसों के अभाव के कारण विद्यार्थियों व ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दस गांवों के दो रूटों पर रोडवेज बस नहीं चलने से लोग निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीण रूटों पर सुबह व शाम को ही बस सेवा है, जबकि दोपहर के समय कोई बस सेवा नहीं होने से लोग निजी वाहनों को सहारा लेने को मजबूर हैं। निजी वाहन चालक भी मनमर्जी का किराया वसूली कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र से प्रतिदिन 300 से अधिक शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों व आमजन को शहर में आवागम करने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादा महिलाओं व युवतियों को परेशानी हो रही है।
ग्रामीण रूट पर बसों की संख्या घट रही है। इसके कारण आमजन व विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस सेवा शुरू करवाने को लेकर दस वर्षों से मांग उठाई जा रही है। जिम्मेदारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बंद हुई अनेक बस सेवाओं को पुन: शुरू करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
इंसेट
- इन रूटों पर यात्री परेशान
महेंद्रगढ बस स्टैंड से माजरा चुंगी होते हुए गांव माजरा कलां, लावन, मालड़ा बास, मालड़ा सराय, बवाना से सेहलंग व महेंद्रगढ़ वाया सीगड़ी झूक, अगिहार, खेड़ी-तलवाना से सेहलंग दोनों ग्रामीण रूटों पर दोपहर के समय बस सेवा नहीं होने से प्रतिदिन 300 से अधिक विद्यार्थियों, आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस रूट पर सबसे अधिक परेशान अपने दैनिक कार्याें से बाजार में आने वाली महिलाओं को हो रही है। सुबह के समय दोनों रूटों पर एक-एक बस सेवा है। इससे सुबह इन बसों का सहारा लेकर शहर पहुंचा जा सकता है, लेकिन वापसी में निजी वाहनों का ही सहारा लेना पड़ रहा है। छात्र-छात्राएं महाविद्यालय, आईटीआई व अन्य निजी संस्थानाें में पढ़ाई करने के लिए आते हैं, लेकिन दोपहर को अवकाश होने के बाद घरों को समय से लौटना किसी चुनौती से कम नहीं है।
वर्जन...
ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन नियमित हो रहा है। कुछ परिवर्तन करके आसपास के गांवों को कवर किया जाएगा। रोडवेज महाप्रबंधक नारनौल के आदेशानुसार सभी ग्रामीण रूटों को कवर किया जाएगा। किसी भी यात्री को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।- वेदप्रकाश, प्रभारी, बस स्टैंड महेंद्रगढ़