फोटो 20 आमजन को सायबर सुरक्षा की जानकारी देते पुलिकर्मी। पुलिस
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नारनौल। सार्वजनिक स्थान पर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने बाजारों और पार्कों में उपस्थित लोगों को बताया कि डिजिटल अरेस्ट पूरी तरह से एक धोखाधड़ी है। भारतीय कानून में वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को गिरफ्तार करने या घर में नजरबंद करने का कोई प्रावधान नहीं है।
पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से समझाया कि साइबर अपराधी अक्सर सीबीआई, पुलिस या नारकोटिक्स विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं कि उनके नाम से कोई अवैध पार्सल पकड़ा गया है या उनके परिजन किसी अपराध में संलिप्त हैं।
इस दौरान पीड़ित को वीडियो कॉल पर बने रहने के लिए मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी का डर दिखाकर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर पूछताछ नहीं करती है। नागरिकों को सलाह दी गई कि यदि उन्हें ऐसी कोई संदिग्ध कॉल आती है, तो वे घबराएं नहीं, तुरंत कॉल काट दें और इसकी सूचना 1930 पर दें।