मंडी अटेली। मंडी अटेली की नई अनाज मंडी में किसानों की फसल की खुली बोली सालों से ठप है। किसानों का आरोप है कि मंडी में उपज के दाम व्यापारी मनमाने तरीके से तय कर देते हैं। वही अंतिम मान लिए जाते हैं। बोली लगाने का अवसर उन्हें नहीं दिया जाता।
किसानों का कहना है कि यह स्थिति कई सालों से बनी हुई है। कट्टों में बंद अनाज का रेट व्यापारी सीधे तय कर देते हैं। इससे उन्हें बाजार भाव से कम कीमत मिलती है।
यह सब मार्केट कमेटी की मौजूदगी में होता है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती। केंद्र और राज्य सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नई-नई नीतियां लागू कर रही हैं। वहीं अटेली मंडी इस दिशा में उल्टा उदाहरण पेश कर रही है।
मंडी सुपरवाइजर पंकज कुमार का कहना है कि पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है। इस तरह कोई बात नहीं है। मंडी में आने जाने वाली हर फसल का पूरा ब्योरा है। संवाद