फोटो संख्या:65- गांव खातौद में श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु --स्रोत- आयोजक
महेंद्रगढ़। श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गांव के खातोद के ठाकुरजी के मंदिर में भगवान रामजन्म और कृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई। कथावाचक पंडित कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि पृथ्वी पर अत्याचार, अनाचार जब-जब बढ़ता है तो भगवान अवतरित होते हैं।
धर्म की रक्षा और गरीबों की सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और धर्म के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने श्रीराम के चरित्र, उनके आदर्शों और उनकी मर्यादा की चर्चा करते हुए बताया कि श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म और न्याय की रक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है।
सभी भक्तों को धर्म की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के युग में भी धर्म की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध रहना आवश्यक है, चाहे वह समाज में शांति और सद्भाव बनाकर हो, या हमारे विचारों और कर्मों के माध्यम से, गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि कर्म भी करो और मेरा चिंतन भी करो। और बताया कि जो बात अपने लिए बुरी लगती है, उसे कभी दूसरों के लिए प्रयोग मत करो, यही सबसे बड़ा धर्म है। गांव सरपंच सतीश कुमार, मनीष कुमार, सुभाष शर्मा, रोहताश शर्मा ने बताया कि गांव के प्राचीन मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन 12 बजे से तीन बजे तक चलेगी। कथा वाचक पंडित कुलदीप भारद्वाज महाराज की ओर से कथा के नियमों के साथ-साथ कथा का रसपान करवाया जा रहा है। श्रीमद्भागवत कथा 13 जनवरी को हवन कर प्रसाद वितरित किया जाएगा।