गांव देवास में एक ऐसी कॉलोनी है, जिसमें 20 वर्षों से बिजली नहीं पहुंची है। जन्म लेने के बाद यहां रहने वाले बच्चों ने और शादी के बाद आई बहुओं ने बिजली नहीं देखी। नतीजा न तो बच्चे सो ही पाते हैं न ही पढ़ाई कर पाते हैं। महिलाओं को रात का काम छोटी-छोटी बैटरी लगाकर करना पड़ रहा है। वहीं संबंध में कॉलोनी निवासी डीसी से लेकर मंत्री तक शिकायत कर चुके हैं, जबकि बिजली निगम 20 साल में मात्र खंभे ही लगा पाया है।
कॉलोनी में रहने वालों ने बताया कि गांव देवास में कांग्रेस शासन के समय में बीपीएल कार्डधारकों के लिए 100-100 गज के 85 प्लॉट काटे गए थे। इनमें लगभग 15 से 20 लोगों ने अपने मकान बनाए हुए हैं, जिनमें 35 से 40 लोग रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें रहते 20 वर्ष का समय हो चुका है अभी तक उनके घरों में बिजली नहीं पहुंची है जबकि गांव से उनकी कॉलोनी मात्र 500 मीटर आगे है। उन्होंने तीन वर्ष पहले सिक्योरिटी भर दी थी उसके बाद भी बिजली निगम के अधिकारी कोई न कोई पेच लगा देते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, विधायक राव दान सिंह, एक्सईएन बिजली निगम, डीसी से मिल चुके हैं। नतीजा सिफर ही रहा है।
कॉलोनी को बसे 15 से 20 वर्ष हो गए हैं। मैं स्वयं तीन वर्षों से बिजली लगवाने का प्रयास कर रहा हूं। मैंने अपने प्रयास से खंभे तो लगावा दिए थे। कुछ लोग खंभे भी उखाड़कर ले जा रहे थे लेकिन उनको हमने नहीं उखाड़ने दिया। कुएं की लाइन से भी हमने वैकल्पिक व्यवस्था की गुहार लगाई थी लेकिन अधिकारियों ने नहीं सुनीं। -छाजूराम, निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि, गांव देवास।
हमारे कर्मचारी वहां दो तीन बार जा चुके हैं, लेकिन वहां पर एक मकान मालिक अपने घर के आगे खंभा नहीं लगाने दे रहा है। इसके लिए हम ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं पुलिस की सहायता लेकर जल्द ही काम करेंगे। मात्र दो दिन में वहां लाइट लगाने का काम शुरू करवा देंगे। -बुधराम पंवार, एक्सईएन, बिजली निगम, महेंद्रगढ़।