महेंद्रगढ़। बार-बार शहरवासियों की मांग के बावजूद भी नगर पालिका द्वारा शहर में रविवार को सफाई नहीं कराई जा रही है। कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के अलावा सफाई कर्मचारी भी रविवार को अवकाश पर रहते हैं। सफाई नहीं होने से शहर में कूड़े के ढेर लग जाते हैं। प्रतिदिन शहर से 80 से 100 क्विंटल कूड़ा निकलता है। रविवार को बाजारों की हालत यह रहती है कि दुकानदारों को मुंह पर कपड़ा लगाकर रखना पड़ता है।
बता दें कि महेंद्रगढ़ नगरपालिका में लगभग 30 स्थायी तथा 56 अस्थायी सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। शहर में रविवार को सफाई नहीं होती जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रत्येक रविवार को स्थायी और अस्थायी सभी सफाई कर्मचारी छुट्टी पर होते हैं। इस कारण शहर में रविवार को झाडू़ तक नहीं लगती। शहर कूड़े का नियमित उठान नहीं होने से शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है। शहर में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। बेसहारा पशु दिनभर इनमें मुंह मारकर उसे इधर-उधर फैला रहे हैं।
शहर के मुख्य चौक-चौराहों से लेकर गलियों तक जगह-जगह कूड़े के ढेर लग जाते हैं। विश्वकर्मा मंदिर के गेट के पास लगे कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं। रविवार को शहर में सफाई नहीं होने के कारण सोमवार को सुबह कर्मचारी दिनभर मशक्कत करने के बाद भी पूरे कचरे का नहीं उठा पाते हैं। रविवार के दिन शहर में सफाई नहीं होती है। अधिक कूड़ा एकत्रित होने के कारण उससे उठने वाली बदबू से उनका घर या दुकान में बैठना मुश्किल हो जाता है।
यहां-यहां सबसे अधिक समस्या
शहर के विश्वकर्मा चौक, सिनेमा रोड, मोहल्ला पड़ाव, मोहल्ला जवाहरनगर, वाल्मीकि मोहल्ला, सैैनी स्कूल के पास, रामविहार कॉलोनी के सामने, मोहल्ला निमड़ी नीचे, रामलीला परिषद रविवार के दिन कूड़े के ढेर लग जाते हैं। इनमें बेसहारा पशु दिनभर मुंह मारकर सड़कों पर फैला देते हैं। ऐसे में जब शहरवासी सोमवार को अपने घरों से निकलते हैं तो गलियों से लेकर मुख्य बाजारों में कूड़े के ढेर नजर आते हैं।
जल्द ही कर्मचारियों को आदेश देकर रविवार के दिन भी सफाई का कार्य शुरू कराया जाएगा। आगामी बैठक में प्रस्ताव पारित कर सातों दिन शहर में सफाई के कार्य के लिए योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए स्थाई व अस्थाई कर्मचारियों को आदेश जारी कर रविवार को भी सफाई कराना शुरू किया जाएगा।
- रमेश सैनी, नपा प्रधान