फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: दीपावली पर रहती है मांग, इसलिए किसान उगा रहे गेंदा के फूल

Fri, 25 Oct 2024 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। खंड के कई गांव में किसान गेंदे के फूल की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं। दीपावली पर गेंदे के फूलों की भारी मांग होगी। कस्बा कनीना के गोमला, गोमली, चेलावास, रामबास, भोजावास, मोड़ी गांवों के किसान अरसे से गेंदा फूल की खेती करते आ रहे हैं।
विज्ञापन

तीन माह की इस खेती में अधिक पानी की जरूरत नहीं होती है जो इस इलाके में उपलब्ध है इसलिए इस क्षेत्र में बेहतर पैदावार होती है। कभी-कभी तो भाव बेहतर मिलते हैं। ऐसे में किसान फूल माला की दुकानों के संचालकों से सीधा संपर्क कर डिमांड को पूरा कर रहे हैं।
चेलावास के किसान अनूप ने बताया कि उन्होंने एक एकड़ में गेंदे की फसल उगा रखी है मात्र 3 महीने की फसल एक एकड़ में 1 लाख 80 हजार रुपये तक कमाई होती है। वहीं दूसरी तरफ बाजरे की फसल में 20 रुपये की बचत नहीं आती है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष कनीना क्षेत्र में गेंदे की फसल में बढ़ोतरी देखी जा रही है। आसपास क्षेत्र के लोग फूल माला की दुकानों के संचालक बाहर मंडी से फूल लेकर आते थे, लेकिन अब स्थानीय किसानों से ही फूल खरीद रहे हैं। पहले मात्र दो प्रतिशत गेंदे की फसल उगाई जाती थी, लेकिन अब यह है बढ़कर 10 प्रतिशत तक पहुंच गई है। दीपावली के सीजन में आम तौर पर 80 से 150 रुपये प्रति किलो तक भाव मिल जाते हैं। किसान अनूप, नरेंद्र पाल, हजारी लाल, जेपी यादव, सुरेंद्र, मनोज, सुमेर सिंह, राजबीर ने बताया दीपावली पर भारी मांग होती है।
विज्ञापन

सरकार द्वारा सम्मानित किसान रवि प्रकाश ने बताया कि फूलों की खेती के कई लाभ हैं। एक लाभ यह है कि इस पर दूसरी फसल आसानी से किसान ले सकते हैं। पूर्व कृषि अधिकारी डाॅ. देवराज का कहना है कि खरीफ फसल बतौर फूलों की खेती को कैश क्राप नाम से जाना जाता है। जो 90 दिनों की ही फसल होती है। इस क्षेत्र की मिट्टी में बेहतर पैदावार होती है। यही कारण है कि क्षेत्र के अनेक गांवों के किसान अब परंपरागत खेती की बजाय कैश क्राप की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कनीना, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी में अगर फूलों की मंडी हो तो किसानों की रुचि इस ओर बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें