फोटो संख्या:51 अस्पताल के पीपीसी ब्लॉक में बच्चे को गोद में लेकर जमीन पर बैठी महिला। संवाद
महेंद्रगढ़। शहर स्थित नागरिक अस्पताल में गर्भवतियों को बैठने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पीपीसी ब्लॉक में महिलाओं के लिए कुर्सियां तो लगाई गई हैं लेकिन इन पर महिलाओं की संख्या काफी कम है।
हर सोमवार व वीरवार को परिवार नियोजन शिविर लगाए जाते हैं। इसके अलावा भी गर्भवती नियमित रूप से जांच के लिए आती हैं। यहां पर कुछ कुर्सियां रखी गई हैं लेकिन ये अपर्याप्त हैं। पीपीसी ब्लॉक की प्रतिदिन की ओपीडी 100 से अधिक रहती है। इससे महिलाओं को बैठने के लिए जगह नहीं मिलती और महिलाएं जमीन पर बैठती हैं।
गर्भवती भी बच्चों को गोद में लेकर जमीन पर बैठी रहती थी। अस्पताल प्रबंधक की ओर से इस ओर किए गए प्रयास भी नाकाम साबित हो रहे हैं। महिलाओं को ठंड में जमीन व ठंडे पत्थरों पर बैठने में काफी परेशानी का सामना करता पड़ता है।
बच्चों को गोद में लेकर जमीन नहीं बैठा जाता और इसके साथ ही महिला रोगियों को अचानक जमीन आदि पर बैठना पड़ता है तो रोगियों को और अधिक परेशानी होती है। जिन महिलाओं से बैठा नहीं जाता वे महिलाएं अक्सर दीवार का सहारा लेकर खड़ी रहती हैं और अपनी बारी का इंतजार करती हैं। पीपीसी ब्लॉक में फिलहाल और कुर्सियां लगाने की आवश्यकता है।
आशा वर्कर भी जमीन पर बैठकर भर रही फॉर्म
शिविर में महिलाओं के परिवार नियोजन के तहत ऑपरेशन कराए जाते हैं और इसके लिए आशा वर्कर महिलाओं को दूर दराज के ग्रामीण इलाकों से लेकर यहां पर पहुंचती हैं। यहां पर आशा वर्कर को भी बैठने की सुविधा नहीं मिलती और जमीन पर बैठकर महिलाओं के फॉर्म भरने पड़ते हैं। अगर बैठने की व्यवस्था हो तो महिलाओं व आशा वर्कर दोनों को आराम मिल सकता है।
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पुराने भवन में सरकार की ओर से ग्रांट जारी नहीं की जा रही है। नए भवन में सभी सुविधाएं दी जाएंगी। फिलहाल अस्थाई व्यवस्था कराने के लिए कोशिश जारी है और कुछ सामाजिक संस्थाओं के साथ कुर्सियां दान करने संबंधी बातचीत चल रही है।
-जयप्रकाश, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, महेंद्रगढ़
फोटो संख्या:51 अस्पताल के पीपीसी ब्लॉक में बच्चे को गोद में लेकर जमीन पर बैठी महिला। संवाद