फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक न मशीनें, कैसे मिलेगा उपचार

Tue, 22 Oct 2024 02:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़/कनीना। नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ व उप नागरिक अस्पताल कनीना के कुल 247 स्वीकृत पदों में से 89 पद रिक्त हैं। दोनों ही अस्पतालों में एसएमओ के सात पद स्वीकृत हैंं, लेकिन सातों पर नियुक्ति नहीं है।
विज्ञापन

विशेषज्ञ चिकित्सकों व मशीनों के अभाव में सरकारी अस्पताल रेफरल अस्पताल के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। महेंद्रगढ़ व कनीना के करीब 139 गांवों की आठ लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की भूमिका निभाने वाले दोनों ही अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों व सुविधाओं का अभाव है। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं होने के कारण जिलेभर के लोगों को निजी अस्पतालों में मोटी फीस चुकाकर एमआरआई करानी पड़ रही है। जबकि महेंद्रगढ़ व कनीना के अस्पतालों में तो अल्ट्रासाउंड तक की मशीनें नहीं हैं। महेंद्रगढ़ अस्पताल में एसएमओ के तीन पद स्वीकृत हैं लेकिन तीनों ही लंबे समय से रिक्त हैं। वहीं डीएमएस के दो स्वीकृत दोनों ही रिक्त हैं। इसके अलावा एमओ के 42 पदों में से 15 रिक्त, फार्मेसी ऑफिसर के 8 में से 6 व लैब टेक्नीशियन ऑफिसर के 10 में से छह पद रिक्त होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल रही हैं।
नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में यह मुख्य पद रिक्त
नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में स्वीकृत 162 पदों में से 67 पद रिक्त हैं जबकि 95 पर तैनाती है। वहीं एसएमओ के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन एक पर भी स्थाई नियुक्ति नहीं है। वहीं डीएमएस के दोनों ही स्वीकृत पद रिक्त पड़े हैं। सीनिसर डेंटल सर्जन का एक पद है वह भी रिक्त पड़ा है। लैब टेक्नीशियन के दस पदों में से छह पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। फार्मेसी ऑफिसर के कुल आठ पद हैं जिनमें से महज दो पर ही तैनाती है, जबकि छह पद रिक्त हैं। रेडियोग्राफर के पांच में से तीन पद रिक्त हैं। यह मुख्य पद रिक्त होने पर प्रतिदिन आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्टाफ के अभाव में तैनात चिकित्सक भी काम के अतिरिक्त दबाव के कारण परेशान रहते हैं।
विज्ञापन

कनीना उप नागरिक अस्पताल में यह हैं स्टाफ के हालात
अगस्त 2019 में उप नागरिक अस्पताल कनीना का शुभारंभ हुआ था। अस्पताल के तहत 37 गांव आते हैं और जिनमें से पीएचसी भोजावास के तहत 15 गांव तथा मुंडिया खेड़ा के तहत 9 गांव शामिल किए गए हैं। धनौंदा अस्पताल को सीएचसी सेहलंग के तहत शामिल किया गया है। उप नागरिक अस्पताल के तहत 16 उप स्वास्थ्य केंद्र में से पांच भोजावास, चार मुंडियाखेड़ा तथा सात कनीना के तहत शामिल किए गए हैं। करीब 54 गांवों की दो लाख की आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। अधिकांश स्वीकृत पदों पर अस्थाई नियुक्ति है। 63 स्वीकृत पदों में से 22 पद रिक्त हैं, जबकि 41 पर नियुक्ति है। अस्पताल में एक भी सर्जन की तैनाती नहीं है। साथ ही ऑर्थो, गायनोलॉजिस्ट, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट जैसे मुख्य पद रिक्त हैं।
लोगों को निजी अस्पतालों में कराना पड़ रहा उपचार
दोनों ही मुख्य अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, सी-आरएम सहित अन्य मशीनों की दरकार है। ऐसे में दोनों ही अस्पताल अधिकांश दुर्घटनाओं में घायलों को प्राथमिक उपचार कर रेफर कर देते हैं। अधिकांश जांच के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से जल्द ही चिकित्सकों की पदोन्नति की जाएगी। अस्पतालों में रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। वहीं एमआरआई मशीन की सुविधा के लिए नारनौल व महेंद्रगढ़ अस्पतालों के भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद मशीनें लगाने का प्रयास शुरू कर दिया जाएगा। अस्पतालों में अधिकांश मुख्य पदों पर तैनाती है। प्रदेश में सरकार बन गई है अब जल्द ही सुविधाओं के दायरे में विस्तार किया जाएगा।
विज्ञापन

-धमेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें