महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के पर्यावरण अध्ययन विभाग में दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम एमएससी पर्यावरण विज्ञान में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इस कोर्स में कॅरिअर की अपार संभावनाएं हैं। दाखिले के लिए विद्यार्थी 30 जून तक पंजीकरण कर सकते हैं।
हकेंवि में एमएससी पर्यावरण विज्ञान में 30 सीटें उपलब्ध हैं और चयन सीयूईटी पीजी के माध्यम से किया जाएगा। विभाग की स्थापना वर्ष 2014 में की गई थी और आज यह विश्वविद्यालय के प्रमुख विभागों में से एक के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरणीय मुद्दों के तकनीकी व वैज्ञानिक समाधान के लिए तैयार करता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थी पर्यावरण मंत्रालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अनुसंधान संस्थान, शिक्षण संस्थान, अंतरराष्ट्रीय संगठन, निजी उद्योगों और एनजीओ में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, ग्रीन स्टार्टअप्स, पर्यावरण परामर्श फर्मों, क्लाइमेट डेटा विश्लेषण, ईआईए रिपोर्टिंग, रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीकों में भी रोजगार की नई संभावनाएं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता सिंह ने बताया कि एमएससी (पर्यावरण विज्ञान) कार्यक्रम विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग जैसे समकालीन मुद्दों पर वैज्ञानिक और तकनीकी दृष्टिकोण से तैयार करता है।
पाठ्यक्रम में फील्ड वर्क, केस स्टडी, प्रयोगशाला प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तथा इंटर्नशिप जैसी व्यावहारिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभाग समय-समय पर संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, वेबिनार और औद्योगिक भ्रमण का आयोजन करता है। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए इच्छुक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।