फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल्द शुरू कराया जाए नारनौल-चरखी दादरी स्टेट हाईवे का कार्य : वुंडरू

विज्ञापन
अधिकारियों की बैठक लेते अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राजा शेखर वुंडरू। संवाद - फोटो : Narnol
विज्ञापन
नारनौल। जिले महेंद्रगढ़ जिला के प्रशासनिक सचिव तथा श्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राजा शेखर वुंडरू ने बुधवार को लघु सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में चल रही महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि नारनौल से चरखी दादरी तक स्टेट हाईवे के निर्माण का कार्य जल्द शुरू कराया जाए।
विज्ञापन

उन्होंने कोरियावास में बन रहे मेडिकल कॉलेज के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि इस मेडिकल कॉलेज का लगभग 85 फ़ीसदी कार्य पूरा हुआ है। बिजली और पानी की व्यवस्था के लिए बजट की मांग भेजी गई है। बजट मिलते ही इन कार्यों को पूरा कर दिया जाएगा। उन्होंने नारनौल से चरखी दादरी तक बनने वाले स्टेट हाईवे के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह कार्य जल्द शुरू कराया जाए। एक्सईएन ने बताया कि एचएसआरडीसी की तरफ से डॉक्यूमेंट सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद जल्द ही कार्य आवंटित कर दिया जाएगा। उन्होंने खुडाना में बनाने वाले इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) की समीक्षा की। इस पर डीसी ने बताया कि उन्होंने कल ही गांव का दौरा किया है। ग्रामीण ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन के लिए सहमति देने के लिए तैयार हैं। सबसे पहले स्टेट हाईवे से आईएमटी तक 200 फीट चौड़ी रोड बनाई जाएगी। इसके लिए किसानों से ही भूमि पोर्टल पर जमीन की सहमति ली जा रही है।
इस दौरान उपायुक्त डॉ. जय कृष्ण आभीर, पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण, अतिरिक्त उपायुक्त वैशाली सिंह, डीएमसी अनुराग ढालिया, एसडीएम नारनौल मनोज कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र कुमार तथा नगराधीश डॉ मंगल सेन मौजूद रहे।
विज्ञापन

स्मारक समिति सदस्यों ने किया स्वागत
फोटो संख्या: 71
महेंद्रगढ़। स्मारक समिति के सदस्यों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन में श्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राजा शेखर का फूल मालाओं से स्वागत किया। सदस्यों ने आंबेडकर भवन निर्माण में भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए जांच कराने की मांग की। सदस्यों ने प्रधान पर अनियमितता का आरोप लगाया। वी राजा शेखर ने जांच का आश्वासन दिया। इस मौके पर शेर सिंह, राकेश चोपड़ा, प्रवक्ता विजयपाल, विनोद नांवां, रोशनलाल निंबल, भूप सिंह ढाणी फौगाट, बिजेंद्र प्रधान, सतीश कुमार, सुरेंद्र सिंह, विजय सिंह चोटीवाला रहे ।
प्रशासनिक सचिव ने किसानों से नहीं जानी समस्या, औपचारिकता पूरी कर लौटे
- केवल ढेरियों पर फोटो खींचवाकर लौटे अधिकारी
फोटो संख्या:1से 10
संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। जिले के प्रशासनिक सचिव एवं श्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राजा शेखर ने नारनौल स्थित नई अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की। गेट पास तथा हेल्प डेस्क का जायजा लिया। मंडी आए बाजरे की जांच की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनाज मंडी में बाजरा लेकर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कहा कि सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत सभी किसानों का बाजरा खरीदने का फैसला किया है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह से साफ सुथरा और सुखा कर लाएं।
बताया कि जिले में हैफेड की ओर से सरकारी खरीद की जा रही है। 1.50 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदने का लक्ष्य है। बाजरे के स्टॉक के लिए रोहतक तथा झज्जर में व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश की संभावनाओं को देखते हुए तिरपाल आदि की व्यवस्था की जाए। इस दौरान उपायुक्त डॉ. जय कृष्ण आभीर, पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण, अतिरिक्त उपायुक्त वैशाली सिंह, डीएमसी अनुराग ढालिया, एसडीएम नारनौल मनोज कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र कुमार मौजूद थे।
-
किसान बोले-अधिकारियों ने नहीं जानी उनकी समस्याएं
नारनौल। मंडियों में बाजरे की खरीद के लिए अपेक्षित व्यवस्था नहीं की गई है। इससे किसानों में रोष है। किसानों ने कहा कि निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातकर उनकी समस्याएं नहीं जानी। कहा कि मंडी में पानी, शौचालय तथा टीन शेड की समस्या है। मात्र एक फड पर टिन शेड है जहां पहले से ही बाजरे के कट्टे रखे हैं। अन्य किसानों का बाजरा खुले में पड़ा है। अगर बारिश हुई तो बाजरा भीग जाएगा। मंडी में शौचालय नहीं है। एक फड के पास ठंडे पानी की व्यवस्था है। दूसरे फड के पास वाटर कूलर लगा है लेकिन वह चल नहीं रहा।
क्या बोले किसान:
मंडी में अधिकारी आए थे और व्यवस्था देखकर चले गए। किसानों से उनकी समस्याएं नहीं जानी। केवल अपनी औपचारिकता पूरी कर वापस लौट गए। मंडी में शौचालय की व्यवस्था नहीं है।-गोपीचंद
-
मंडी में न सफाई और न ही पानी। धूप में दो घंटे खड़े होने पर गेट पास है। शौचालय नहीं है। फड़ पर खुद सफाई की। अधिकारियों ने किसानों से बात नहीं की।- राधेश्याम शर्मा, किसान।
-
अधिकारियों ने किसानों से बातचीत नहीं की। अधिकारी केवल दूसरी फड पर जाकर वापस चले गए। यहां इस फड़ पर कोई नहीं आया। यहां पानी तथा शौचालय की सुविधा भी नहीं है।-शेर सिंह, भांखरी
-
मंडी में पेयजल शौचालय की व्यवस्था नहीं है। सरकार दावे तो करती है कि अधिकारी उनके लिए ही हैं लेकिन अधिकारी आकर चले जाते हैं। किसानों से समस्याएं जानना मुनासिब नहीं समझते हैं।- महेंद्र, कुंजपुरा।
विज्ञापन

-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें