अनाज मंडी में धू-धू करता रावण का पुतला।
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नारनौल। जिले में असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक पर्व विजयदशमी धूमधाम के साथ मनाया गया। अलग-अलग रामलीला समितियों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर बुधवार की शाम अहंकारी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। इससे पूर्व श्रीराम और रावण का युद्ध हुआ जिसमें श्रीराम ने जब रावण का वध किया तो जयकारा गूंज उठा।
अनाज मंडी तथा शोभा सागर तालाब में अलग-अलग जगहों पर रावण का पुतला जलाया गया। शोभासागर तालाब में 51 फुट का रावण का पुतला लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। दोनों स्थानों पर रावण वध के बाद रावण का पुतला जलाया गया। श्री आदर्श सनातन धर्म ड्रामेटिकल क्लब की ओर से पुल बाजार से शाम 4 बजे जुलूस निकला। इसमें श्रीराम और रावण अपनी-अपनी सेना के साथ चल रहे थे। श्रीराम, लक्ष्मण तथा हनुमान उनके पीछे तथा सुग्रीव, विभीषण, नल, नील, अंगद, जामवंत आदि की झांकी निकाली गई। जुलूस शोभासागर तालाब तक पहुंचा वहां पर भगवान राम ने 51 फुट रावण के पुतले का दहन किया। प्रधान अशोक चौधरी ने बताया कि विजय जुलूस में मामचंद ताशा पार्टी आकर्षण का केंद्र रही। संयोजक चिराग चौधरी ने बताया कि सनातनी परंपरानुसार हम लंका के रावण को तो प्रतिवर्ष दहन कर देते हैं लेकिन सामाजिक बुराइयों को दूर करने की जरूरत है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव रहे। वहीं लालचंद जोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
श्री धार्मिक रामलीला ट्रस्ट चांदुवाडा एवं श्री सनातन धर्म सभा की ओर से दशहरा पर्व पर रावण दहन नई मंडी स्थित नई अनाज मंडी में किया गया। सभा के प्रधान धर्मचंद छाबड़ा और एसडी एजुकेशन बोर्ड के प्रधान गोविंद भारद्वाज ने बताया कि भगवान राम की शोभायात्रा सभा भवन पुल बाजार के प्रांगण से चलकर बजाज बाजार होते हुए पहले भगवान सूर्यनारायण मंदिर पहुंची। विजय जुलूस में शामिल भगवान राम की सवारी, रावण की सेना एवं दशहरा मैदान में होने वाले राम रावण युद्ध का मंचन ट्रस्ट के कलाकारों द्वारा संरक्षक सत्यनारायण हरित, शंभू दयाल गर्ग एवं प्रधान संजय गर्ग की देखरेख में किया गया। कार्यक्रम में हरको बैंक के चेयरमैन अरविंद यादव मुख्यातिथि तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सत्यव्रत शास्त्री, भाजपा के प्रदेश मंत्री मनीष मित्तल आदि रहे।