फोटो नंबर-13नगर परिषद कार्यालय नारनौल। संवाद
नारनौल। नगर परिषद में अब विकास कार्यों के भुगतान से पहले वार्ड स्तर पर भी काम की जांच होगी। सड़क, नाली, पार्क, हरित क्षेत्र, सफाई और अन्य विकास कार्यों के बिल का भुगतान संबंधित वार्ड के पार्षद और पांच सदस्यीय वार्ड कमेटी की संतुष्टि के बाद ही किया जाएगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जोगेंद्र सिंह कालीरामणा ने बताया कि विकास कार्य पूरा होने के बाद संबंधित वार्ड में मौके पर उसकी स्थिति देखी जाएगी। पार्षद के साथ वार्ड कमेटी के पांच सदस्य कार्य का निरीक्षण करेंगे। कमेटी में सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से एक-एक सदस्य तथा दो महिला सदस्य शामिल होंगी।
यदि मौके पर कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार और संतोषजनक पाया जाता है तो पार्षद तथा कमेटी के सभी पांच सदस्य बिल पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे पहले केवल कार्यालय स्तर पर बिल से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जाती थीं, लेकिन अब वार्ड स्तर पर भी काम की वास्तविक स्थिति की पुष्टि होगी।
ईओ ने बताया कि यदि किसी कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, काम अधूरा रहता है या स्वीकृत कार्य के अनुसार मौके पर स्थिति नहीं मिलती है तो भुगतान से पहले ही इसकी जानकारी सामने आ जाएगी। इससे संबंधित ठेकेदार या एजेंसी की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।
नगर परिषद के अनुसार, इस व्यवस्था से विकास कार्यों की निगरानी में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता आएगी और कार्यों की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा सकेगी। ईओ ने बताया कि जिला उपायुक्त के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है।