फोटो 30 थाने के बाहर खड़े मजदूर। संवाद
नांगल चौधरी। मनरेगा में काम कर रहे मजदूरों ने नियामतपुर गांव के सरपंच पर उनकी बात न मानने व भविष्य में मनरेगा में काम न देने की धमकी के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही मारपीट का भी आरोप है। इसके लिए पीड़ित मजदूर एकत्रित होकर पुलिस थाने पहुंचे और सुरक्षा व न्याय की गुहार लगाई। नियामतपुर गांव निवासी महेंद्र, पवन, श्यामा, रिंकू, मनीष, विक्की, महेश, संजू देवी व बवली ने बताया है कि सरपंच ने ये सब काम कराने के लिए नरेश कुमार को रखा हुआ है जो कि मनरेगा के तहत काम करने वाले लोगों के नाम लिखता है। मनरेगा की सूची में अपने खास लोगों के नाम और कई ऐसे नाम जोड़े हैं जो कभी काम पर आए ही नहीं। इसके बदले वास्तविक मजदूरों से रुपये मांगे जाते हैं।
आरोप है कि अगर कोई मजदूर पैसे देने से मना करता है तो उसे काम से हटाने की धमकी दी जाती है। इन्हीं आरोपों को लेकर मजदूरों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन को वीरवार को लिखित शिकायत दी थी।
इसमें उन्होंने सरंपच व नरेश पर गंभीर आरोप लगाते हुए मनरेगा कार्यों में अपने खास लोगों के नाम और फर्जी नाम जोड़कर मजदूरी की राशि मांगने का आरोप लगाया है।
शिकायत दिए जाने के अगले ही दिन मामला और ज्यादा गंभीर हो गया। आरोप है कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों के साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद पीड़ित मजदूर बड़ी संख्या में पुलिस थाने पहुंचे हैं। मजदूरों का कहना है कि शिकायत करने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया है।
वहीं सरंपच प्रतिनिधी विक्रम ने मजदूरों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। ये सब मिलकर छवि को धूमिल करना चाहते हैं। जबकि ऐसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि मौके पर मैं नहीं था। मुझे नहीं पता वो ऐसा क्यों कह रहे हैं। थाना प्रभारी हरीश ने बताया कि लिखित शिकायत मिली है, शिकायत के आधार पर छानबीन प्रक्रिया शुरू कर दी है।