नारनौल। धौलेड़ा में पिता-पुत्र की सड़क हादसे में मौत को लेकर गांव के ही बस स्टैंड पर पीड़ित परिवार के लिए मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच करीब 16 घंटे बाद रात डेढ़ बजे सहमति बनी। ग्रामीणों के मुताबिक 15 लाख रुपये की मदद प्रशासन व 10 लाख रुपये क्रशर जोन से आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई जाएगी। मृतक शास्त्री की बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्चा भी प्रशासन उठाएगा। वहीं मृतक की पत्नी के लिए प्रशासनिक स्तर पर सरकार को अनुशंसा पत्र भेजा जाएगा। इस पर ग्रामीण सहमत हो गए और सुबह करीब साढ़े 6 बजे पिता-पुत्र के शवों को उठाकर अंतिम संस्कार किया गया।
धौलेड़ा निवासी विकास शास्त्री वीरवार को अपने 15 वर्षीय बेटे ऋषभ के साथ बाइक से नारनौल से घर लौट रहे थे। शाम करीब चार बजे जब वह खातोली अहीर गांव के नजदीक पहुंचे तो एक तेज रफ्तार डंपर चालक ने चपेट में ले लिया। इसमें दोनों की मौत हो गई थी। शास्त्री अपने पिता के इकलौते बेटे थे। वही ऋषभ भी शास्त्री का इकलौता बेटा था। शास्त्री के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। इससे पिता पुत्र की मौत से परिवार में कोई कमाने वाला ही नहीं बचा। इससे दुखी ग्रामीणों ने शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद सुबह करीब 10 बजे गांव के बस स्टैंड पर ही पिता-पुत्र के शव को रखकर पीड़ित परिवार की मदद के लिए धरना शुरू कर दिया था। मौके पर एसडीएम मनोज कुमार, बीडीपीओ प्रमोद कुमार, डीएसपी जितेंद्र सिंह व जिला खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे थे।