नगरपालिका ने आंकड़ों के आधार पर शहर को शौच मुक्त घोषित कर दिया है। हालात यह है कि शहर के मुख्य बाजारों में एक भी शौचालय नहीं है। महेंद्रगढ़ में दस हजार से ज्यादा ग्राहक रोजाना आते हैं। सबसे अधिक परेशानी तो महिलाओं को उठानी पड़ती है। इसके अलावा झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले भी खुले में शौच जाते हैं। शहर में कहीं बनाए गए शौचालय निर्माणाधीन है तो कहीं शौचालयों को हालात काफी खराब है। सब्जी मंडी के पास शौचालय के ताला लगा हुआ है।
इन बाजारों में हैं आवश्यकता
शहर के अनेक बाजार ऐसे हैं जहां शौचालय की सुविधा नहीं हैं। दुकानदार को शौचालय के लिए गली कूचों में जाना पड़ता है। शहर के बास स्कूल से मसानी चौक लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर में कोई शौचालय नहीं है। शहर का दिल कहे जाने वाला भगवान परशुराम चौक पर भी शौचालय की व्यवस्था नहीं हैं। इसके अलावा सर्राफा बाजार, मां शेरवाली मंदिर, शंकर मार्केट, सिनेमा रोड, शॉपिंग कांप्लैक्स, अंग्रसेन चौक, बालाजी चौक, आईटीआई रोड, तुलाराम चौक पर शौचालय नहीं हैं जिस कारण ग्राहक एवं व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है।
2 हजार दुकानदार एवं 10 हजार ग्राहकों पर है मात्र 8 शौचालय
महेंद्रगढ़ बाजार में छोटे-बड़े 2 हजार दुकानदार हैं। इन दुकानों पर हर रोज 10 हजार से अधिक ग्राहक सामान के लिए आते हैं। ये ग्राहक शहर के अलावा आसपास के गांवों से आते हैं और जिनमें हजारों महिलाएं भी खरीददारी के लिए आती हैं। शहर के मुख्य बाजारों में शौचालय नहीं होने के कारण सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है। शहर में मात्र सात शौचालय बनाए गए हैं जिनमें से अधिकतर बाजार से हट कर बनाए गए हैं तथा दो निर्माणाधीन शौचालय हैं।
शॉपिंग कांप्लैक्स के व्यापारी हैं परेशान
शौचालय की कमी के कारण सबसे अधिक परेशानी शॉपिंग कांप्लैक्स के व्यापारियों को हो रही है। पालिका द्वारा कांप्लैक्स में तीन फेज में 300 से अधिक दुकानें बनाई गई थीं। पालिका ने उस समय एक भी शौचालय कांप्लैक्स में नहीं बनवाया। दुकानदार शौचालय के लिए रेस्ट हाउस के पास खुले में शौच करने को मजबूर है।
पुराने शौचालयों की नहीं हो रही सफाई
नगर में विभिन्न स्थानों पर लगभग पालिका ने 8 छोटे तथा तीन बड़े शौचालय बनाए हैं। वो भी बाजार से बाहर बनाए है। कई जगह तो शौचालय गंदगी से अटे पड़े हैं। सब्जी मंडी रोड पर बने दो शौचालय बंद है। रेस्ट हाउस के पास तीन शौचालय में टंकी में पानी नहीं है। नागरिक अस्पताल के पास शौचालय बना हुआ है लेकिन उसकी हालात खराब रही। नगर पालिका ने दो शौचालय छह माह पहले बनाया गया है वो भी निर्माणाधीन है।
नहीं है शुल्क सुलभ शौचालय
नगर में शुल्क सुलभ शौचालयों का भी अभाव है। शहर में ऐसा कोई वीआईपी सुलभ शौचालय नहीं है जहां पर आमजन को पूरी सुविधा मिले सके। शहर की सब्जी मंडी, अनाज मंडी में सुलभ शौचालय हैं लेकिन उनमें कभी सफाई नहीं रहती है जिस कारण जनता उनमें जाने बजाय बाहर किसी खुले में शौच के लिए जाते हैं।
बॉक्स
परशुराम चौक पर एक भी शौचालय नहीं हैं। शौचालय के अभाव में हमें शौच गली कूंचों में जाना पड़ता है। पालिका को व्यापारियों से ये सुविधाएं अवश्य प्रदान करवानी चाहिए ताकि दुकानदार एवं ग्राहक को परेशानी न हो।
-रोहताश तिवाड़ी।
गोशाला रोड पर कहीं भी शौचालय की सुविधा नहीं है। लोगों को घुले शौच खुले में करके आना पड़ता है। उन्होंने नगरपालिका से मांग की है शीघ्र इस रोड पर एक शौचालय बनाया जाए।
-अनिल दुकानदार
मसानी से माजरा चुंगी तक नहीं शौचालय:
मासानी चौक से माजरा चुंगी तक शौचालय नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में खुले में शौच करना पड़ रहा है। अगर इस रोड पर चार शौचालय बना दिए जाए तो किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।
-आशुतोष, दुकानदार।
शॉपिंग कांप्लैक्स में पब्लिक शौचालय नहीं बनाया गया। शहर की यह मुख्य समस्या है। शौचालय के अभाव में व्यापारियों को दूर जाकर शौच करके आना पड़ता है।
-मनोज दुकानदार
नए शौचालय बन कर तैयार है और पांच से दस दिन के अंदर चालू कर दिए जाएंगे। जहां पर शौचालय नहीं है वहां जगह देखकर शौचालय तैयार करवाए जाएंगे।
-रमेश सैनी, चेयरमैन, नगरपालिका।