महेंद्रगढ़। बंदरों के आतंक से शहरवासी परेशान है। बंदर रसोई घर में घुसकर फ्रीज से सामान निकाल लेते है। पिछले पांच वर्षों में इनकी संख्या भी 10 गुणा बढ़ गई है। वहीं, नगरपालिका इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। बंदरों के आतंक के कारण शहर के कई मोहल्लों में लोगों ने छतों पर जाना ही छोड़ दिया है। नगरपालिका की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए एक बार भी अभियान नहीं चलाया गया।
शहर की गलियों में बंदरों का जमावड़ा रहता है, जिस वजह से लोग दूसरे रास्ते से निकलने को मजबूर है। नागरिक अस्पताल में बंदर के काटने और पंजा मारने के प्रतिदिन औसतन 5 केस आ रहे हैं। इसके कारण लोगों को रैबीज का टीका लगवाना पड़ रहा है। बंदरों का झुंड लोगों पर हमला कर घायल कर देते है। सबसे ज्यादा भय तो महिलाओं और बच्चों में है, जो घर से बाहर निकलने में भी संकोच करने लगे हैं। वहीं, दुकानदार भी बंदरों से खासे परेशान हैं। बंदर उनकी दुकान के बाहर रखा सामान उठा ले जाते हैं।
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- इन जगहों पर रहता है बंदरों का जमावड़ा :
शहर के मोहल्ला नीमड़ी नीचे, मोहल्ला जवाहरनगर, नागरिक अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लैक्स, करेलिया बाजार, सब्जी मंडी, अनाज मंडी, मोहल्ला तिवाड़ियान, मोहल्ला महायचान, मोहल्ला खटीकान, मोहल्ला शेरागुवाड़ी, शनि मंदिर सहित शहर में अन्य स्थानों पर बंदरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। शहरवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से मांग की है कि इन बंदरों को पकड़वाकर बाहर छोड़ा जाए ताकि लोगों को बंदरों के आतंक से निजात मिल सके।
- वर्जन:
शीघ्र ही बंदरों को पकड़वाया जाएगा। बंदरों को पकड़ने के लिए टैंडर पास करवाकर दूसरी जगह पर छोड़ा जाएगा। किसी को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- रमेश सैनी, नगरपालिका प्रधान महेंद्रगढ़।
फोटो संख्या:51- आईटीआई महेंद्रगढ़ के गेट पर बैठे बंदरों का झुंड--स्रोत--संवाद