नारनौल। लोकतंत्र के पर्व में हर कोई भागीदार बनना चाहता है। बुजुर्गों व दिव्यांग भी दूसरों का सहारा लेकर मतदान केंद्र तक पहुंचे। जैसे ही ईवीएम का बटन दबाया तो उनके चेहरे पर अलग सी मुस्कान आ गई।
वह मतदान केंद्र से बाहर निकलते समय दिख भी रही थी। एक तरफ जहां सामान्य व्यक्ति वोट डालने से दूरी बना रहा है। वहीं जो व्यक्ति चलने फिरने में असमर्थ है, वह भी मतदान केंद्र तक पहुंच कर वोट डाल रहे हैं, लेकिन वह शायद अपने वोट की कीमत को पहचानते हैं। इसकी वजह से हर बाधाओं को पार करते हुए अपने बूथ केंद्र तक पहुंच गए। दिव्यांग सोमबीर ने बताया कि उसने यह तीसरी बार मतदान किया है, लेकिन उसका उत्साह पहले मतदान की तरह ही है। लोकतंत्र के इस पर्व में सभी को मतदान के लिए आना चाहिए ताकि सुनहरे देश का निर्माण हो सके।