महेंद्रगढ़। डीसी के आदेश पर गठित तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन में सील कमरों को खुलवाकर कमरों की जांच की। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। जांच के दौरान समिति से संबंधित कोई दस्तावेज वहां नहीं मिला। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार ने डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक समिति की पूर्व कार्यकारिणी के प्रधान और उनके सहयोगी को बुलाया लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।
समिति का समस्त रिकॉर्ड एवं लेखा-जोखा पिछले लगभग तीन वर्षों से पूर्व कार्यकारिणी के कब्जे में है। प्रशासन ने कई बार रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश दिए लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर प्रक्रिया को टाल दिया गया।
समिति के सदस्यों की ओर से इस संबंध में बार-बार लिखित शिकायतें जिला प्रशासन को दी गईं, जिसके बाद जिला उपायुक्त एवं एसडीएम महेंद्रगढ़ द्वारा कार्रवाई करते हुए एक विशेष टीम गठित की गई।
इस टीम में जिला रजिस्ट्रार महेश यादव, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार तथा प्रशासक डॉ. ओपी आर्य को शामिल किया गया। टीम ने पूर्व कार्यकारिणी को समय पर आंबेडकर भवन में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया था।
इसके बाद भी आज कोई भी पूर्व पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। टीम की ओर फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला।
काफी देर इंतजार के बाद प्रशासनिक टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भवन के सील किए गए कमरे को खोला। कमरे की बारीकी से जांच की गई, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। जांच के दौरान समिति से संबंधित कोई भी दस्तावेज वहां नहीं मिला।
इस अवसर पर प्रशासक समिति तथा सामाजिक बुद्धिजीवियों ने पूरी टीम को स्थिति से अवगत करवाया और मामले का शीघ्र निपटारा कर नई कार्यकारिणी गठित करने की मांग की।
इस मौके पर पन्नीलाल, रोशनलाल निंबल, सुरेशचंद्र सरोहा, जय भगवान जगदीश प्रधान, बादाम सिंह, अधिवक्ता रणजीत सिंह, फकीरचंद, सहीराम कलोरिया, ब्रह्मदत्त, अमर सिंह, अनिल कुमार, सतवीर मास्टर, सतीश कुमार, विजेंद्र सिंह उपस्थित रहे।