महेंद्रगढ़। रक्षाबंधन के पर्व से पहले रविवार को बाजार खोलने की विशेष अनुमति उपायुक्त ने दी थी। जिसके चलते रविवार को बाजार खुले। खरीदारी के लिए पहुंचे लोग नियमों का पालन करना भूल गए। दुकानदार भी नियम तोड़ते नजर आए। खास तौर पर रेहड़ी पर सामान बेचने वाले, फड़ी लगाकर सामान बेचने वाले मास्क, सोशल डिस्टेंस के नियमों का उल्लंघन करते रहे।
सोमवार को भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन मनाया जाएगा। अधिकतर बहनों ने पहले ही खरीदारी कर ली थी। रविवार को बाजार खुलने की जानकारी मिलने के बाद काफी संख्या में महिलाएं, बच्चे, युवा बाजारों में पहुंच गए। राखी, कपड़े, मिठाई व फलों की दुकान पर सबसे अधिक भीड़ नजर आई। खरीदारी के उत्साह में लोग कोरोना के खतरे को ही भूल गए। बेखौफ होकर खरीदारी करते दिखे। मास्क होने के बाद भी लोग उसे मुंह पर लगाने से परहेज कर रहे थे। मास्क को केवल चालान से बचने के हथियार के तौर पर अपने पास रखा हुआ था। महिलाओं के पास चुनरी होने के बाद भी महिलाएं मुंह को नहीं ढक रही थी। दो गज की दूरी तो छोड़िए ग्राहक दो फीट की दूरी भी नहीं रख पा रहे थे। दुकानदार अपने ग्राहकों को किसी दूसरी दुकान पर नहीं जाना देना चाहते थे। इस कारण ग्राहकों से मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बनाने के लिए नहीं कर रहे थे।
रोडवेज बसों में सामान्य रहे हालात :
हर साल रक्षाबंधन के पहले दिन, रक्षाबंधन के दिन रोडवेज की बसों में भारी भीड़ रहती थी। इस बार कोरोना के कारण बसों में अधिक भीड़ नजर नहीं आ रही थी। अधिकतर महिलाओं ने अपने निजी वाहनों से ही भाई के घर तक पहुंचने को सुरक्षित माना। इस बार रोडवेज में महिलाओं का किराया माफ नहीं था। इस कारण भी महिलाओं ने रोडवेज की बजाए दूसरे वाहनों को ही प्राथमिकता दी।
बड़े शहरों में जाने से परहेज :
इस बार रक्षाबंधन पर्व को लेकर दूर दराज के क्षेत्र में रहने वाली बहनों ने भाई के घर जाने से परहेज बरता। खासतौर पर दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद सहित बड़े शहरों में जाने वालों की संख्या कम रही। रोडवेज बसों की सवारियों का सबसे अधिक आवागमन दादरी, रोहतक, भिवानी, हिसार, सोनीपत व रेवाड़ी की ओर था।