जिले का नाम नारनौल करने की मांग को लेकर वकील करीब दो माह से धरना दे रहे थे। मंगलवार को राज्यमंत्री के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया है।
जिला बार एसोसिएशन नारनौल का धरना व हड़ताल तीन फरवरी से चल रहा था। जिसमें प्रमुख रुप से जिले का नाम नारनौल करने और जिला बचाओ संघर्ष के लिए आंदोलन किया जा रहा था। इस लंबी अवधि के आंदोलन के दृष्टिगत लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसको देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि ओम प्रकाश यादव राज्यमंत्री ने दूरभाष के माध्यम से बार एसोसिएशन नारनौल के नवनिर्वाचित प्रधान अशोक यादव से संपर्क किया। क्षेत्र की जनता की परेशानी के दृष्टिगत आंदोलन में धरने को खत्म करने के लिए अनुरोध करते हुए आश्वासन दिया कि नारनौल की जनता के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने देंगे। राज्यमंत्री ने इस आश्वासन के साथ बार प्रधान अशोक यादव ने बार रूम में मंगलवार को बैठक की। जिसमें जिला बार एसोसिएशन नारनौल से संबंधित अधिवक्ताओं ने भाग लिया। राज्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन की जानकारी सदस्यों को दी गई। संघर्ष समिति में सहयोग देने वाले नारनौल क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व गणमान्य व्यक्तियों से भी विचार-विमर्श किया। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि राज्यमंत्री ओम प्रकाश यादव के वायदे के दृष्टिगत जिला बार एसोसिएशन नारनौल व संघर्ष समिति अपना धरना व आंदोलन स्थगित करती है। यदि आवश्यकता पड़ी तो दोबारा इस के आंदोलन के बारे में रणनीति तैयार करके आगामी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी, व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग लाल अग्रवाल, सुरेश यादव, बलदेव सिंह, विजयपाल चौधरी, ब्राह्मण सभा के प्रधान राकेश मेहता, यादव सभा के कार्यकारी प्रधान अशोक यादव व गिरिबाला यादव, करण सिंह यादव एडवोकेट, विजय यादव, बीएस भारद्वाज, भानी सहाय वाल्दिया, मोहन लाल शर्मा, हरिराम सैनी, ओम प्रकाश यादव, चंद्र प्रकाश गुर्जर एडवोकेट, पीसी गुप्ता एडवोकेट, सुरेंद्र संघी,सुभाष यादव, केशव सिंह, व्यापारिक संगठनों से शंकरलाल वधवा, अनिल जैन, नरेश गोगिया, सुरजीत सिंह अरोड़ा,संदीप नूनीवाला, अजीत सैनी, धर्मवीर यादव व संजय गर्ग ने धरना समाप्त करने पर सहमति जताई।