फोटो 03जोहड़ के पास रखी बेंच की नीचे पड़ी शराब की खाली बोतलें। संवाद
नांगल चौधरी। क्षेत्र का प्राचीन जोहड़ जो वर्षों से ग्रामीणों की आस्था और धार्मिक मान्यताओं का केंद्र रहा है। इन दिनों बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जोहड़ के आसपास शाम ढलते ही शराबी लोगों का जमावड़ा लग जाता है जिससे माहौल बेहद खराब रहता है। कई बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई जिससे ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह जोहड़ धार्मिक महत्व रखता है। यहां महिलाएं और बच्चे नियमित रूप से जल चढ़ाने, पूजा करने और मछलियों को दाना डालने आते हैं लेकिन आसपास फैली गंदगी, खाली शराब की बोतलें, आपराधिक तत्वों की मौजूदगी और सफाई व्यवस्था की कमी के कारण जोहड़ का माहौल खराब हो चुका है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे अब शाम के समय यहां आना सुरक्षित नहीं समझते हैं। जोहड़ के पास सफाई व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है। कूड़े-कचरे के ढेर, टूटे हुए बेंच के कारण यह स्थान अपनी पहचान खोता जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी कई बार नगर पालिका और पुलिस प्रशासन को शिकायतें दी गईं लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों ने प्रशासन से जोहड़ क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त, शराबियों के खिलाफ कार्रवाई, उचित सफाई व्यवस्था और जोहड़ के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
क्या कहना है वार्ड पार्षद का
वार्ड पार्षद प्रतिनिधि बंटी भार्गव ने बताया कि जोहड़ के ऊपर की तरफ साफ-सफाई करवाई गई है लेकिन नीचे की ओर गिरने के डर से सफाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि नशेड़ियों के खिलाफ पहले भी पुलिस को शिकायत दी गई थी जिस पर पुलिस ने गश्त भी शुरू की थी जिससे नशेड़ियों का आना बंद हो गया था लेकिन पुलिस गश्त के हटते ही नशेड़ी फिर से आने लगे हैं जिसके लिए दोबारा से पुलिस को शिकायत दी जाएगी।