फोटो 10नांगल चौधरी में रेन बसेरा के लटकता ताला।संवाद
नांगल चौधरी। कड़ाके की ठंड से बेसहारा और प्रवासी मजदूर सबसे ज्यादा परेशानी का सामना कर रहे हैं। इसलिए सरकार ने हर शहर में रैन बसेरे बनाएं हैं लेकिन नांगल चौधरी के रैन बसेरे में ताला लगा है।
स्थानीय लोगों की शिकायत के अनुसार, नांगल चौधरी के मुख्य क्षेत्र में स्थित रैन बसेरा कई दिनों से तालाबंद पड़ा हुआ है। दरवाजे पर लगे ताले और आसपास फैली वीरानी साफ संकेत दे रही है कि आश्रय स्थल की देखभाल या संचालन को लेकर प्रशासन की कोई गंभीरता नहीं है।
स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजी खानापूर्ति बन जाएं तो उनका कोई महत्व नहीं रह जाता।
जनता की तरफ से मांग उठी है कि तुरंत प्रभाव से रैन बसेरा खोला जाए, सफाई करवाई जाए, रोशनी और बिस्तर की बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही नियमित निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
वर्जन:
रैन बसेरा में पूरी व्यवस्था की गई है इसको लेकर एक चौकीदार भी रखा गया है। अगर कोई आता है तो उसके लिए ताला खोल दिया जाता है।-ललित गोयल, सचिव, नगर पालिका नांगल चौधरी