फोटो नंबर-14नगर परिषद में धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी। संवाद
नारनौल। पांच सितंबर तक काम पर लौटने के नोटिस के बावजूद नगर परिषद के सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटे। अब नगर परिषद दोबारा नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। वहीं, हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने साफ कहा कि वे कोई नया नोटिस नहीं लेंगे और अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 33वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से शहर में करीब 100 टन कूड़ा अलग-अलग जगहों पर जमा हो गया है। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, कौशल रोजगार योजना के तहत लगे कर्मचारियों को पालिका के रोल पर लेना और डोर-टू-डोर कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देना शामिल है।
भूपेंद्र सारवान ने कहा कि मांगें लागू होने तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन 33 दिन के बजाय 60 दिन तक भी चलाना पड़ा तो कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
संघ के अनुसार, 8 सितंबर को नगर पालिका कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान पूनम चंद राठी नारनौल पहुंचकर कर्मचारियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान राज्य कैशियर महेंद्र समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
वर्जन:
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। अगर कर्मचारी काम पर लौट आते हैं तो ठीक है अन्यथा नोटिस देने के तैयारी की जा रही है। कर्मचारियों को चेतावनी दे गई है अब जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-विकास शर्मा, जेई, नगर परिषद, नारनौल