फोटो नंबर-23नांगल चौधरी में बिलखती मां को लेकर जाते परिजन।संवाद
नारनौल। अनूप बेटा मुझे क्यों छोड़ गया। कुछ तो बोल यह पीड़ा एक मां की है, जो कपड़े में लिपटे बेटे से बोल रही थी। अस्पताल में बिलख रही मां को देखकर लोगों की भी आंखें नम हो गईं। अनूप जब पांच साल का था, उस समय पिता की मौत हो गई थी। उसकी मां ने ही पालन पोषण किया था। अब अनूप मां का सहारा बना तो उसकी भी मौत हो गई। वहीं, जोगेंद्र की मौत से भी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मैनहोल में उतरे दोनों युवकों की मौत के बाद परिजन राकेश और तंवर सिंह की ओर से पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अनूप व जोगेंद्र प्रतिदिन की तरह शुक्रवार को भी ड्यूटी पर आए थे। इस दौरान जेई ने मैनहोल की सफाई करने के लिए कहा। जब दोनों ने बिना सेफ्टी उपकरण के मैनहोल में उतरने से मना कर दिया तो जेई नितिन यादव व कंप्यूटर ऑपरेटर ने दबाव बनाया। सफाई करने की बात कही। इसके बाद अनूप व जोगेंद्र सीवर में उतर गए। इस दौरान दोनों की सीवर में दम घुटने से मौत हो गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का नहीं हो रहा पालन
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, सीवर में अंदर जाकर कोई भी कर्मचारी सफाई नहीं करेगा, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। मृतक के परिजनों ने एक जेई और कंप्यूटर ऑपरेटर पर नीचे उतारने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
वर्जन
मृतक के परिजनों ने शिकायत दी है। शिकायत के आधार पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई की जाएगी।
छत्रपाल, थाना प्रभारी नांगल चौधरी