फोटोसंख्या:76- कनीना में घेवर तैयार करता हलवाई--स्रोत--संवाद
कनीना। अब सावन माह शुरू होने में महज तीन दिन का समय शेष है। ऐसे में त्योहारों का सीजन भी शुरू हो जाएगा। अगस्त माह में रक्षा बंधन व तीज पर्व को लेकर बाजार घेवर की खुशबू से महकने लगा है। सात अगस्त को तीज व 19 को रक्षाबंधन है। बाजार में विभिन्न प्रकार की वैरायटी के घेवर तैयार किए जा रहे हैं। इस वर्ष घेवर के दामों में भी इजाफा हुआ है।
मिष्ठान भंडार कनीना के प्रधान भंवरा राम ने बताया कि तीज के त्योहार पर भाई अपनी बहन को सिंधारा देने जाते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। चाहे कितने भी प्रकार की मिठाइयां रख दो, लेकिन घेवर का एक अपना ही महत्व है। इस वर्ष मिठाई की दुकान के संचालकों ने समय रहते विभिन्न प्रकार के घेवर बनाए हुए हैं। ग्रामीण महिलाएं देवकी, बसंती, संतरा, राजकुमारी, बिमला ने बताया कि रक्षा बंधन का त्योहार घेवर के आने पर ही पूरा होता है। भाई-बहन के रिश्ते में और मिठास लाने के लिए घेवर पुरानी परंपरा है। मिठाई दुकान संचालक राजू हलवाई, जेपी हलवाई, बिल्लू हलवाई ने बताया कि वर्तमान में लोग ड्राई फ्रूट को भी महत्व देते जा रहे हैं, लेकिन जो बिक्री घेवर में होती है वह अन्य मिठाइयों को मिलकर भी नहीं होती है।
पिछले वर्ष के दाम इस वर्ष के दाम (किलोग्राम में)
घेवर के प्रकार पिछले वर्ष इस वर्ष
केसर घेवर 520 540
दूध घेवर 340 380
मलाई रबड़ी घेवर 460 480
ड्राई फ्रूट घेवर 580 600