प्रदेश में बीजेपी की सरकार दोबारा बनाने के बाद पहली बार जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की बैठक पंचायत भवन में हुई। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे सरकार की योजनाओं के तहत मिलने वाले ऋण को न लटकाएं। सरकार ने पशु क्रेडिट कार्ड जैसी अहम योजनाएं चलाई हैं। जिनसे ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में गुणात्मक सुधार होगा। जानबूझकर ऋण न देने वाले बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। इस बैठक में पहले से निर्धारित 13 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इन मामलों की सुनवाई करीब 50 मिनट में पुुरी हुई। इसमें चार मामलों का मौके पर निपटारा हुआ। जबकि नौ मामले अगली बैठक में दोबारा से रखे जाएंगे।
जिला पंचायत भवन में दो बजे जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की शुक्रवार दोपहर दो बजे होनी थी। लेकिन, मंत्री के देर से आने के कारण पौने तीन बजे बैठक शुरू हुई। जिले के गांव आजमाबाद मौखूता की अंजू देवी की शिकायत पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि अगर बैंक द्वारा पशु पालक को पशु पालन के लिए 4.20 लाख की बजाय 50 हजार रुपये का ही ऋण देना था तो उनसे 100-100 रुपये के पांच स्टांप पेपर क्यों लिए। किसान को गलत जानकारी क्यों दी गई। उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिए कि पशु पालक कागजात पूरा करता है तो इसे तुरंत ऋण दिया जाए। इसके अलावा पथरवा के पूर्व सैनिक मुरारीलाल के मामले में उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि फर्जी तरीके से इनके खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाई जाए। अगर बैंक अधिकारी की कोई कमी है तो उनपर कार्रवाई करें। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंक ग्राहकों से ठगी हो रही है। इसे रोकने में बैंक अधिकारी तत्परता दिखाएं।
दौचाना निवासी अमलीलाल की राशन न मिलने की शिकायत पर मंत्री ने एसडीएम व नगराधीश को जांच करने के निर्देश दिए व स्पष्ट किया कि इस मामले में आरोप सही हैं तो संबंधित डिपो का लाइसेंस समाप्त किया जाए। गांव शहबाजपुर के धर्मेंद्र की शिकायत पर बीडीपीओ को एक सप्ताह में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधूरी फिरनी पर फिर से काम शुरू करवाया जाए व कब्जाधारी पर कार्रवाई करें। वहीं गांव बिहाली में व्यामशाला की अधूरी पड़ी दीवार को बनाने के निर्देश दिए। इस जमीन पर भी किसी ग्रामीण द्वारा कब्जे की शिकायत थी। मंत्री ने कहा कि सभी का पहला फर्ज है कि जनता की आवाज सुनें। अधिकारी आज आई सभी शिकायतों को गंभीरता के साथ लें व तुरंत निपटाएं। मंत्री ने 13 मामलों की सुनवाई करीब साढे़ तीन बजे तक सुनी। इसमें से चार मामलों में मौके पर समाधान किया गया। इसके बाद उन्होंने अन्य मामलों की भी सुनवाई की। इस मौके पर नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, अटेली के विधायक सीताराम यादव, डीसी जगदीश शर्मा, एसपी दीपक सहारण, बीजेपी के जिला प्रधान शिवकुमार महता, जेजेपी के जिला प्रधान राव रमेश आदि मौजूद थे।
इन मामलों पर हुई सुनवाई, डीआरओ के रीडर हटाने को दिया आदेश
जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की बैठक में गांव गुढा की सुमन देवी, गांव पथरवा का मुरारीलाल, गांव स्याणा की सुनीता, गांव बाघोत का पूर्ण सिंह, आजमाबाद मौखुता की अंजू, दौचाना का अमीलाल, नांगल सोडा का फूल सिंह, कोटिया का सरपंच ग्राम पंचायत, गांव शहबाजपुर का धर्मेंद्र, गांव बिहाली का प्यारेलाल, मौहल्ला रामकरण दास कॉलोनी नारनौल का मस्ता राम, मोहल्ला बड़का कुआ नारनौल का रामनिवास व मौहल्ला संतरास कोलियान वार्ड नंबर 13 के सोमदत्त का मामला सुनवाई के लिए रखा गए। इसमें तीन मामलों का समाधान हुआ। एक मामले में पहले से समझौत हो चुका था। बैठक में डीआरओ से जुड़े मामलों को लेकर बीजेपी नेताओं ने काम लटकाने का आरोप लगाया है। सेका गांव के रास्ते के बारे में डीआरओ के रीडर को हटाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह पहली बैठक है। ऐसे में किसी पर कार्रवाई नहीं करूंगा। बैठक में आम लोगों से अधिक बीजेपी के नेता ही बोलते रहे।
30 अन्य मामलों भी मंत्री ने सुने
बैठक में पहले से पंजीकृत 13 मामलों के अलावा मौके पर 30 लोगों ने मंत्री के सामने शिकायत रखी गई। पहले मंत्री ने एक-एक लोगों की शिकायत सुनी। ग्रामीण जन जीवन वेलफेयर ने गांव में पानी की समस्या रखी। इसी प्रकार अन्य लोगों ने सीवर, अतिक्रमण समेत अन्य समस्याओं को सामने रखा। सभी मामलों को डीसी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कुछ मामलों को अगली बैठक में शामिल करने को भी कहा।
छह माह बाद हुई बैठक
जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की बैठक पिछले साल जुुलाई में हुई थी। इसके बाद नई सरकार बनने के बाद पहली बार बैठक हुई है। पिछले साल जुलाई में हुई बैठक में तत्कालीन मंत्री विपुल गोयल ने एडीएम के बैठक में न होने पर पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। यह मामला सुर्खियों में बना रहा और कोर्ट तक पहुंचा गया।