नारनौल। ऑनर किलिंग से प्रेमकथा फेल हो गई, हत्यारों की तो अगले दिन ही बेल हो गई, अरबों का माल लूटकर वो उड़ गए विदेश और कुछ मुर्गी चोरों को यहां जेल हो गई। ये रचनाएं सोमवार रात को रोटरी क्लब के हास्य कवि सम्मेलन में सुनाई गईं।
सम्मेलन में सोनभद्र से कमलेश राजहंस, फरीदाबाद से सरदार मंजीत सिंह, कामा से डॉ. भगवान मरकंद, मावली से मनोज गुर्जर, दिल्ली से विनीत पांडे एवं नाथद्वारा से एकता जैन ने अपनी रचनाओं से सभी को हंसने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीबीएम हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. मनीष शर्मा रहे, अध्यक्षता रोटरी क्लब के पूर्व प्रधान प्रमुख समाजसेवी प्रवीण संघी ने की।
वहीं अति विशिष्ट अतिथि मनीष मित्तल, विनय मित्तल, मुकेश गुप्ता दिल्ली से, टिंकू जैन, गोपाल मित्तल, विनोद चौधरी, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. संदीप दहिया, रोटरी प्रधान राजकुमार चौधरी, डॉ. एमएम रावत, एडवोकेट राजकुमार यादव, विजय जिंदल रहे। सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नारनौल मूल की माटी से जुडे़ हास्य कवि सरदार मंजीत सिंह ने नारनौल की पावन धरा को प्रणाम करते हुए मंचासीन सभी कवियों से श्रोताओं का परिचय करवाया। उन्होंने अपने पिता सरदार हरनाम सिंह ठेकेदार की स्मृति में प्रख्यात कवि कमलेश राजहंस को शॉल व प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया।
इसके बाद सर्वप्रथम मनोज गुर्जर ने गुलशन में खिले फूल सी होती हैं बेटियां, होता है दर्द बाप को तो रोती हैं बेटियां जैसी भावनात्मक पक्तियों के साथ भावना भरने के बाद अपनी हास्य रस कविताओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। फिर दिल्ली से आए हास्य विनोद के कवि विनीत पांडेय की रचना गम के बादल आयेंगे और जाएंगे, हम भुलाकर मुस्कराना जिंदगी है से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। वहीं कामा से आए डॉ. भगवान मरकंद ने पहले दूल्हा पान खाके ससुराल जाता, अब दुल्हन सुपारी दे के हनीमून जा रही है गाकर श्रोताओं की भरपूर वाहवाही लूटी। इसी कड़ी में सोनभद्र से पधारे कमलेश राजहंस ने शिशिर की सर्द रातें बाढ़ में डूबा हुआ जीवन, गर्म लू के थपेड़ों से मेरी सांसें दहकती हैं, हसीनों के पसीने से तेरे बंगले महकते हैं और हमारे खून से इस देश की मिट्टी महकती है सुनाकर दर्शकों में उत्साह भर दिया।
राजस्थान की एकता जैन ने बगिया में मिलेगी सुमन की एकता, पक्षी को चाहिए खुले गगन की एकता सुनाकर देशप्रेम का संदेश दिया।