महेंद्रगढ़। जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के परिसर में निर्माणाधीन जल परीक्षण प्रयोगशाला पांच माह में तैयार हो जाएगी। प्रयोगशाला का 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सिर्फ 35 प्रतिशत कार्य बाकी है। प्रयोगशाला चालू होेने से महेंद्रगढ़, सतनाली और कनीना के साथ 170 गांवों की आबादी को मिलेगी राहत मिलेगी। इन स्थानों के लोगों को पानी की जांच के लिए नारनौल नहीं जाना पड़ेगा।
जल परीक्षण प्रयोगशाला पर 65 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मार्च 2026 तक प्रयोगशाला का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। महेंद्रगढ़, सतनाली, कनीना में जल गुणवत्ता जांच के लिए कोई सरकारी लैब नहीं होने से यहां के लोगों को परेशानी हो रही थी। लोगों जल की गुणवत्ता की जांच के लिए नारनौल जाना पड़ता था।
क्षेत्र में लैब की कमी काफी समय से खल रही थी। लैब की दूरी अधिक होने के कारण लोग जांच के लिए कतराते थे। साथ ही उन्हें किराया खर्च करना पड़ रहा था।
लोगों की मांग पर जनस्वास्थ्य विभाग ने गत वर्ष से ही महेंद्रगढ़ में लैब स्थापित कराने की प्रक्रिया शुरू की। योजना के अनुसार 65 लाख रुपये बजट पास होने पर विभाग की ओर से दिसंबर 2024 में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को कार्य आवंटित किया और मार्च 2025 में प्रक्रिया पर काम शुरू हो चुका है।
लैब चालू होने के बाद क्षेत्र के लोगों को नारनौल की भागदौड़ से राहत मिलेगी और समय की भी बचत हो पाएगी। इसमें आम लोग अपने घर से पानी के सैंपल लाकर जांच करवा सकेंगे।
शहर स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के परिसर के बनाई जा रही प्रयोगशाला में एक केमिस्ट कक्ष, एक रिकॉर्ड रूम और एक लेबोरेट्री कक्ष बनाया जाएगा। इसमें सभी आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी और लोगों को तुरंत पानी गुणवत्ता की रिपोर्ट दी जाएगी। शहर की करीबन 80 हजार और 170 गांवों के ग्रामीणाें को नजदीक ही जल गुणवत्ता की जानकारी मिल जाएगी।
वर्सन
विभाग नागरिकों को राहत देने के लिए तत्पर है और अगले साल तक पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए लैब तैयार कर क्षेत्र के लोगों को लैब की सौगात प्रदान करेगा। अब लैब का निर्माण कार्य जारी है और अगले साल मार्च तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा।-सुरेंद्र यादव, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़