नांगल चौधरी थाना क्षेत्र में माइंस मालिकों को जान से मारने की धमकी देकर दहशत फैलाने वाला देवा गैंग का सरगना अशोक उर्फ देवा को दो दिन पहले सीआईए नारनौल ने गांव बायल मोड़ पर धर दबोचा। जिसे नारनौल कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पिस्टल बरामद की है। अब आरोपी एक अन्य मुकदमे में रिमांड पर है।
पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि नांगल चौधरी क्षेत्र में माइंस मालिकों के लिए देवा गैंग सिर दर्द बना था। लुजोता निवासी आरोपी ने ही देवा गैंग बनाया। ये गैंग रंगदारी देने के नाम पर जान से मारने की धमकी देकर दबाव बनाते थे। 21 जनवरी को दोखेरा माइंस में मालिक लक्ष्य खुराना से रंगदारी मांगने के लिए माइंस में जाकर कई फायर किए और भाग गए थे। गुरुग्राम निवासी लक्ष्य खुराना की शिकायत पर नांगल चौधरी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। 10 दिन बाद फिर आरोपी व उसके साथियों ने माइंस पर फायर किए और भाग गए थे। कुछ दिन बाद इसी गैंग लीडर ने जैनपुर क्रशर पर खड़ी गाड़ी में आग लगवा दी। तभी से पुलिस इस गैंग के पीछे पड़ी थी। आरोपी के सात साथी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके थे और जेल में है। गैंग का लीडर अशोक उर्फ देवा पुलिस की पहुंच से बाहर चल रहा था। एसपी सुलोचना ने कुछ दिन पहले आरोपी को पकड़ने की जिम्मेवारी सीआईए नारनौल को सौंपी थी। सीआईए इसके ठिकानों पर कई बार छापा मारा था लेकिन सफलता नहीं मिली। सीआईए ने 15 मई को बायल मोड़ पर इसके आरोपी को धर दबोचा। एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया और आरोपी से रिमांड के दौरान एक देसी पिस्टल बरामद की है। आरोपी को थाना नांगल चौधरी पुलिस ने कोर्ट नारनौल से थाना में दर्ज अन्य मुकदमों में एक रिमांड पर लिया है। सीआईए से पकड़ने वाली टीम के एसआई लाल सिंह, हवलदार योगेश, सिपाही प्रदीप, सिपाही रजत,सिपाही वीरेंद्र व सिपाही रोहित थे।
गैंग के सदस्य, जो अरेस्ट हो चुके हैं
इस देवा गैंग के सात आरोपी मनोज, झाबर,रामफल, रोहताश निवासी लुजोता व पुरुषोत्तम निवासी नांगल दर्गु, अजित व नवीन निवासी भेंडटी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी नसीबपुर जेल में हैं। इस गैंग के कुछ आरोपियों की पुलिस को अभी तलाश है।