कनीना। उपमंडल के गांव बाघोत निवासी मोहित के आत्महत्या मामले में 50 दिन बीत जाने के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुंदरलाल ने बताया कि विभाग ने पांच लोगों की कमेटी बनाकर निगरानी रखने का कार्य किया है। इसमें एक ड्यूटी चिकित्सक, एक सिक्योरिटी गार्ड, एक लाइटमैन, एक नर्सिंग अधिकारी, एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई हुई है।
पुलिस महानिदेशक चंडीगढ़ की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है। कैलाश चंद की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की गई अर्जी में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। इस संदर्भ में एसपी कार्यालय की ओर से कैलाश चंद को पत्र जारी कर जांच में शामिल होने व आरोपी को संदर्भ में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि सीबीआई से जांच होनी चाहिए।
कैलाश चंद शर्मा ने कहा कि एसआईटी की टीम में हरियाणा से बाहर के अधिकारियों की जिम्मेदारी लगाई जाएगी तब वह एसआईटी में शामिल होंगे। मोहित का शव 50 दिन से उप नागरिक अस्पताल कनीना के फ्रीजर में रखा है।
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शव के अंतिम संस्कार से पहले एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई थी, लेकिन अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। अब अदालत ही निर्णय लेगी। सीबीआई से जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही अलग राज्य का आईपीएस अधिकारी जांच में शामिल होना चाहिए। -कैलाश चंद शर्मा, मोहित के पिता
पांच लोगों की कमेटी बनाकर निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से एक सिक्योरिटी गार्ड की तैनाती की हुई है। जिसमें एक ड्यूटी चिकित्सक, एक सिक्योरिटी गार्ड, एक लाइटमैन, एक नर्सिंग अधिकारी, एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगाई हुई है।- डॉ. सुंदरलाल, प्रवर चिकित्सा अधिकारी नागरिक अस्पताल कनीना।
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प्रशासन द्वारा भरपूर प्रयास किया गया है, लेकिन दिवंगत के पिता शव लेने को तैयार नहीं हैं। हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक कार्य किया जाएगा।- डॉ. जितेंद्र एसडीम कनीना