श्री आदर्श रामलीला कमेटी के रंगमंच पर रावण- अंगद संवाद का मंचन करते कलाकार
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महेंद्रगढ़। रविवार को विजय दशमी के अवसर पर सांकेतिक तौर पर रावण दहन होगा। रावण दहन के समय भीड़ नहीं जुटने दी जाएगी। आदर्श रामलीला के परिसर में 35 फीट के रावण का पुतला जलाया जाएगा। पुतला दहन के समय गेट बंद रहेंगे। जिससे भीड़ को अंदर प्रवेश से रोका जा सके। रामलीला मंचन वाले कलाकार ही अंदर मौजूद रहेंगे।
कोरोना के चलते इस बार रामलीलाओं के मंचन की अनुमति नहीं मिल सकी। इस कारण आदर्श रामलीला कमेटी ने लीला का आंतरिक मंचन किया। इसमें कलाकारों ने बिना वेशभूषा, बिना माइक, बिना दर्शकों के सादे तरीके से लीला का मंचन किया। श्री आदर्श रामलीला कमेटी के प्रांगण में चल रहे 13 दिवसीय आंतरिक रामलीला मंचन के दौरान लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध का लीला मंचन किया गया। राम दल की ओर से भेजे गए दूत अंगद की सलाह को ठुकरा कर रावण भी युद्ध करने की घोषणा कर देता है। मेघनाद युद्ध में ब्रह्मशक्ति का प्रयोग करके लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। हनुमान द्रोणगिरि पर्वत से लाई गई संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। अगले युद्ध में लक्ष्मण अपनी सेना सहित लंका के निकुंभला मंदिर में जाते हैं। वहां छुपकर विजय यज्ञ कर रहे मेघनाद का वध कर देते हैं। मेघनाद और कुंभकरण की मृत्यु का समाचार सुनकर रावण भी तिलमिला उठता है। लीला के अंतिम दिन रावण युद्ध का सीन दिखाया जाएगा। रविवार को लीला मंचन के बाद शाम 6 बजे रावण दहन होगा। आदर्श रामलीला कमेटी के प्रधान सुरेंद्र बंटी ने बताया कि इस बार 35 फीट के रावण का पुतला जलाया जाएगा। परिसर में ही यह पुतला दहन होगा। जिसमें दर्शकों को अनुमति नहीं होगी। सभी गेट बंद रखे जाएंगे। परिसर में केवल कलाकार ही मौजूद होंगे। दूसरी ओर रामलीला परिषद के परिसर में सात फीट के रावण का पुतला सांकेतिक तौर पर जलाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के चलते परिषद ने इस बार लीला का मंचन नहीं किया।