नारनौल। नगर परिषद नारनौल द्वारा भले ही शहर को कैटल फ्री बनाने का दावा कर रही है, लेकिन शहर में बेसहारा पशुओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार देर सायं को एक बेकाबू सांड़ ने उत्पात मचाते हुए कई लोगों को घायल कर दिया। इसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इसे उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया है, जबकि अन्य लोगों को हल्की चोटें आई है।
इससे पूर्व भी बेसहारा पशु अनेक लोगों को घायल कर चुके हैं। इन पशुओं के कारण लगातार बढ़ रहे हादसों से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इन पशुओं से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाई है। बुधवार सायं को लेकर नई सराय में एक बेकाबू सांड़ ने काफी उत्पात मचाया। इसमें सांड़ ने नई सराय में राजू प्रजापत, सलीम पेंटर, मुकेश व दिनेश प्रजापत को अपनी चपेट में लेते हुए चोटें मारी। वहीं पुरानी सराय की एक महिला भी सांड की चपेट में आ गई। इसके चलते सभी लोग घायल हो गए। इनमें राजू प्रजापत को आस-पास के लोगों ने एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां पर चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। परिजन के अनुसार राजू प्रजापत के सर, पांव व हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। इससे दो-तीन दिन पूर्व एक सांड़ ने मोहल्ला पुरानी सराय निवासी नरेश कुमार को भी घायल कर दिया था। इसके हाथ व कंधे में फ्रेक्चर आया है।
मोहल्लावासियों ने मुश्किल से किया काबू
बुधवार शाम को सांड़ द्वारा उत्पात मचाकर कई लोगों को घायल करने के बाद मोहल्लावासियों ने बड़ी मुश्किल से काबू किया। इसके बाद उसे माता मसानी परिसर में बांधा गया, ताकि वह अन्य लोगों को नुकसान न पहुंचा सके। लोगों ने बताया कि मोहल्ला में कई सांड़ झुंड के रूप में घूमते रहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके पास से गुजरता है ये उस पर हमला कर देते हैं। लोगों के अनुसार गली-मोहल्लों में उनके छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं। ऐसे में इन पशुओं के कारण हमेशा हादसे का भय बना रहता है।
जुलाई में छोड़ा गया था पशु पकड़ने का टेंडर
शहर में बढ़ते बेसहारा पशुओं के उत्पात को देखते हुए नगर परिषद नारनौल द्वारा गत जुलाई में शहर में घूमने वाले पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर छोड़ा गया था। हालांकि टेंडर छोड़ने के बाद सैंकड़ों पशुओं को पकड़ा भी गया है, लेकिन शहर में ऐसे पशुओं की संख्या कम होने की बजाय लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में हालत यह है कि शहर के प्रत्येक मोहल्लों की गलियों में दो-चार पशु झुंड के रूप में घूमते हुए देखने को मिल जाएंगे।
दो माह का ही किया गया वर्क ऑर्डर
नगर परिषद द्वारा जुलाई माह में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर छोड़ा गया था। मगर परिषद द्वारा ठेकेदार को केवल दो माह का ही वर्क ऑर्डर दिया गया। जिसके तहत दो माह पूरे हो चुके हैं। जबकि अधिकारियों द्वारा वर्क ऑर्डर को आगे नहीं बढ़ाया गया है। जिस कारण एक बार फिर से शहर की सड़कों के साथ गली-मोहल्लों में बेसहारा पशुओं को आतंक देखने को मिलने लगा है। इस दो माह के दौरान ठेकेदार द्वारा 400 के करीब पशुओं को पकड़कर नंदी गोशाला में छोड़ा गया है।
शहर में बेसहारा पशुओं के पकड़ने के लिए टेंडर हुआ है, लेकिन वर्क ऑर्डर दो माह का ही किया गया था। इस वर्क ऑर्डर को बढ़ाने की जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद शहर में घूमने वाले इन पशुओं को पकड़ कर नंदी गोशाला में छोड़ने का कार्य किया जाएगा।
-कमलेश सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, नारनौल।