महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के पोषण जीवविज्ञान विभाग द्वारा किशोर लड़कियों में हाइपरविटामिनोसिस डी का आंकलन और प्रबंधन पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित हुई। एसईआरबी-डीएसटी द्वारा वित्त पोषित कार्यशाला का उद्घाटन विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने किया।
कुलपति ने कहा कि देश की लड़कियां इस मूक महामारी का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों को दिनचर्या में शामिल करके इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यशाला की आयोजक डॉ. अनिता कुमारी ने प्रसिद्ध विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के माध्यम से व्याख्यानों की शृंखला के साथ-साथ चयनित प्रतिभागियों को एंथ्रोपोमेट्रिक माप, एलिसा तकनीक का उपयोग करके विटामिन डी के स्तर का आंकलन, कैल्शियम अनुमान, सीबीसी, प्रोफाइलिंग, विटामिन डी से समृद्ध कार्यात्मक खाद्य उत्पादों का विकास, इसके पोषक तत्व प्रोफाइलिंग, संवेदी मूल्यांकन, जैव सूचनात्मक प्रशिक्षण आदि जैसे विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में देशभर से 25 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यशाला के संदर्भ में, डॉ. राजीव बहल, निदेशक सचिव, भारत सरकार भारत, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और महानिदेशक, आईसीएमआर, नई दिल्ली तथा डॉ. सौम्या स्वामीनाथन, पूर्व, मुख्य वैज्ञानिक, डब्ल्यूएचओ, वर्तमान में एनजीओ के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत, एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन ने कार्यशाला के लिए बधाई दी।