महेंद्रगढ़। ठंड बढ़ने के कारण लोग अपने घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाकर राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते लकड़ी का कारोबार इन दिनों अच्छा चल रहा है। महेंद्रगढ़ में प्रतिदिन करीब 50 क्विंटल लकड़ी की खपत हो रही है।
बाजार में लकड़ी लगभग आठ से दस रुपये प्रति किलो के हिसाब से सुखी लकड़ी मिल रही है। मांग को देखते हुए व्यापारी आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य जिलों से भी लकड़ी मंगा रहे हैं ताकि बाजार में आपूर्ति बनी रहे।
लकड़ी की यह आवक न केवल व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित हो रही है, बल्कि इससे परिवहन से जुड़े लोगों को भी काम मिल रहा है। लकड़ियां अलाव व चूल्हें के लिए लोग खरीदारी कर रहे है। इसके साथ-साथ होटलों में तंदूर के लिए भी लकड़ियां अच्छी बिक रही है।
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जैसे-जैसे तापमान गिरता है, वैसे-वैसे लकड़ी की मांग और बढ़ जाती है। खासकर सुबह और देर शाम के समय अलाव जलाने के लिए लोग अधिक मात्रा में लकड़ी खरीद रहे हैं। शहर के चौराहों, बस स्टैंड, सब्जी मंडी और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाते हुए लोग सर्दी से बचाव करते नजर आ रहे हैं। -राजेंद्र, दुकानदार
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लकड़ी के इस बढ़ते कारोबार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। सर्दी के मौसम में यह कारोबार उनके लिए संजीवनी की तरह है। अन्य दिनों की तुलना में इन महीनों में बिक्री हो रही है। बढ़ती मांग, स्थिर दाम और लगातार हो रही खपत के चलते आने वाले दिनों में भी लकड़ी का कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है।-हंसराज, दुकानदार
फोटो संख्या:72- महाराणा प्रताप चौक पर दुकान पर रखी लकड़ियां--संवाद
फोटो संख्या:72- महाराणा प्रताप चौक पर दुकान पर रखी लकड़ियां--संवाद