पुनीत भारद्वाज
नारनौल। शहर में बनाए गए मॉडल स्कूल के बाद अब सरकार जल्द ही नारनौल के पीजी महाविद्यालय को भी मॉडल संस्कृति महाविद्यालय का दर्जा देने जा रही है। जिले में शहर का पीजी कॉलेज एक मात्र ऐसा कॉलेज है, जिसे माॅडल संस्कृति महाविद्यालय बनाया जाएगा।
इसे लेकर उच्चतर शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। सभी राजकीय महाविद्यालयों और यहां पढ़ने वाले छात्रों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी विभाग को भेजी गई है। स्थानीय स्तर से राजकीय पीजी महाविद्यालय, नारनौल को माॅडल संस्कृति का दर्जा देने की संस्तुति की गई है।
यह महाविद्यालय दक्षिण हरियाणा के सबसे पुराने महाविद्यालयों में शुमार है और सरकार ने जो 14 मानकों को पूरा करने की शर्त रखी है, उस पर भी यह खरा उतरता है। इन मानकों को देखने के लिए अभी कॉलेज में टीम का दौरा भी होना है।
माॅडल संस्कृति महाविद्यालय बनाए जाने वाले कॉलेज में सांइस लैब, कंप्यूटर लैब, भाषा लैब, डिजिटल लैब, अन्य लैब जैसे संगीत, स्मार्ट क्लास रूम के साथ स्मार्ट बोर्ड, डिजीटल लाइब्रेरी की उपलब्धता, 100 मीटर ट्रैक स्पोर्टस, डे केयर फैकल्टी, ऑडिटोरियम, सोलर पैनल, रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम, इनकूबेशन सेंटर सहित छात्रों के लिए अन्य विशेष फैकल्टी होनी चाहिए। राजकीय महाविद्यालय नारनौल द्वारा उपरोक्त सभी 14 पैमाने पूर्ण होते हैं।
हरियाणा के प्राचीनतम महाविद्यालयों में एक महाविद्यालय जिसकी शुरुआत 1954 में हुई। वर्तमान समय में 3500 विधार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं और यहां 14 विषयों में स्नातकोत्तर होती है।
मॉडल कॉलेज में मिलेंगी ये सुविधाएं
-मॉडल कॉलेज के लिए सात प्रारूप तैयार किए गए हैं। छात्रों के लिए कॉमन रूम में टीवी लगेगा। साथ ही डिजिटल लाइब्रेरी, एटीएम बूथ, वाईफाई कैंपस, ई-लर्निंग लैब, स्टूडेंट्स स्पोर्ट सोसाइटी, अलग-अलग एक्टिविटी सेल, आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडिटोरियम और हेल्प डेस्क की सुविधा मिलेगी। इनके अलावा कैंटीन, पार्किंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूटर और अन्य लैब को अपग्रेड किया जाएगा।
वर्जन
सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाया जा रहा है। इसे लेकर नारनौल के पीजी महाविद्यालय को मॉडल संस्कृति महाविद्यालय बनाने के लिए चयन किया गया है। यह दर्जा मिलने के बाद कॉलेज को और भी बहुत सी सुविधाएं मिलेगी। आगे शिक्षा के क्षेत्र में यहां छात्रों को बेहतर सुविधांए मिलेगी।
-डाॅ. पूर्णप्रभा, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी