नारनौल। अब नांगल चौधरी के नहर में टेल तक आसानी से नहरी पानी पहुंच सकेगा। इसके लिए सिंचाई विभाग ने झगड़ोली से सिहमा तक नहर का पुनरुद्धार करने की योजना बनाई है।
झगड़ोली से सिहमा तक नहर का लंबे समय से मरम्मत व पुनरुद्धार कार्य नहीं किया गया था। इसकी वजह से कम मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। अब 12.64 करोड़ रुपये से नहर का पुनरोद्धार किया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। संभावना है कि यह कार्य अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
इसके बाद सर्दी के मौसम में नारनौल को 287 क्यूसेक ज्यादा पानी मिलेगा। ऐसे में सिंचाई विभाग को ज्यादा नहरी पानी मिलने से दौहान व कृष्णावती नदी को रिचार्ज करने में भी आसानी होगी। अभी तक पानी कम मिलने से जल घर व ग्रामीण क्षेत्र में बने जोहड़ों ही मुश्किल से भर पाते थे लेकिन अब भूजल स्तर में सुधार के लिए दौहान व कृष्णावती नदी में पानी डाला जा सकेगा। बता दें कि नांगल चौधरी में अंतिम टेल तक नहरी पानी पहुंचाना सिंचाई विभाग के लिए हमेशा ही चुनौती रही है।
सिंचाई विभाग द्वारा झगड़ोली से सिहमा तक करीब 21 किलोमीटर नहर का पुनरोद्धार करने के बाद 1082 क्यूसेक पानी मिल सकेगा। जहां पहले सिंचाई विभाग की तरफ से 795 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जाता था। ऐसे में अब नारनौल को 287 क्यूसेक ज्यादा पानी मिलेगा। सिहमा से नारनौल तक सिंचाई विभाग की तरफ से पहले ही कार्य करवाया जा चुका है।
इंसेट
झगड़ोली से सिहमा के बीच 15 से अधिक पड़ते हैं गांव
झगड़ोली से सिहमा के बीच पड़ने वाले 15 गांवों को ओर अधिक फायदा होगा। इन गांवों का भूजल स्तर में तो सुधरेगा के ही साथ में ज्यादा दिन तक पर्याप्त पानी मिल सकेगा। इसके अलावा नारनौल व नांगल चौधरी कस्बे के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में पानी की सप्लाई इसी नहर पर टिकी हुई है।
वर्जन:
झगड़ोली से सिहमा तक 12.64 करोड़ रुपये में नहर का पुनरोद्धार किया जाएगा। इसका टेंडर लगा दिया गया है। यह कार्य पूरा होने के बाद ज्यादा मात्रा में नहर में पानी छोड़ा जा सकेगा। इससे टेल तक आसानी से पानी पहुंच सकेगा।
नितिन भार्गव, एक्सईएन सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।