पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मनरेगा में बदलाव करके बीजेपी सरकार ने दलित, पिछड़े, गरीबों, ग्रामीणों और पंचायतों के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। वह शुक्रवार को झज्जर विधायक गीता भुक्कल के निवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने शायराना अंदाज में भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डाल-डाल पात, डाल-डाल जख्म ए चमन ये तो बता तेरा माली कौन......सरकार का माली प्रदेश का है या दिल्ली का या फिर है एक फूल दो माली।
इस मौके पर विधायक रघुबीर सिंह कादयान, गीता भुक्कल और कुलदीप वत्स समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी।
उन्होंने कहा, संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर पंजीकृत थे लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। यानी इस योजना को हरियाणा में बीजेपी पहले ही खत्म कर चुकी थी।
कहा कि कांग्रेस सरकार मनरेगा योजना महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज अभियान को आगे बढ़ाने वाली थी। इसमें मांग के आधार पर बजट का निर्धारण होता था। यानी इस कानून में बजट की कोई सीमा नहीं थी। तमाम राज्यों और जिलों, जितने लोग काम मांगते थे उन्हें काम देना होता था।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए हुड्डा ने एक बार फिर अपनी इस बात पर आपत्ति दर्ज करवाई कि एचपीएससी का चेयरमैन अन्य राज्य से बुलाकर नियुक्त किया गया है। वह प्रदेश की तमाम भर्तियों में गैर-हरियाणवियों को भर्ती कर रहे हैं।
एक साजिश के तहत स्थानीय बेरोजगार युवाओं के हकों पर डाका डाला जा रहा है जो ना-काबिले बर्दाश्त है। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा बेरोजगारी के मामले में देश का नंबर वन राज्य बन गया है। इसके चलते अपराध भी लगातार बढ़ रहे हैं। आज हरियाणा में करीब 60 गैंग सक्रिय हैं।