फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: कार्यशैली के विरोध में बार ने एसडीएम काेर्ट का किया बहिष्कार

Fri, 19 Sep 2025 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
फोटो संख्या:69- बार एसोसिएशन महेंद्रगढ़ में विचार-विमर्श करते अ​धिवक्ता--संवाद
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। लघु सचिवालय में उपमंडल अधिकारी की कार्यशैली को लेकर बार एसोसिएशन की ओर से एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार कर दिया गया है।
विज्ञापन

दो दिनों के दौरान करीब 300 केसों पर सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम का अधिवक्ताओं के प्रति रवैया खराब है। एसडीएम कोर्ट में केसों की सुनवाई के दौरान पूरा समय नहीं, मामलों को लंबे समय तक सुनाई नहीं करने व अधिवक्ताओं को समय नहीं दिया जा रहा है। दो दिन से एसडीएम कोर्ट में करीब 300 से अधिक केसों पर सुनवाई रुक गई है।
बार एसोसिएशन की ओर से प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया है। यदि कोई अधिवक्ता या मुंशी किसी केस की पैरवी करने पहुंचा तो उस पर 5100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसडीएम केस के दौरान कभी तो नारनौल मीटिंग में चली जाती तो कभी अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक लेती रहती है।
विज्ञापन

कोर्ट में वकील शाम छह बजे तक इंतजार करते रहते हैं। इस बार में बार एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम कनिका गोयल से भी मिल चुका है लेकिन इस पर कोई समाधान नहीं हुआ है।

बार एसोसिएशन की एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार का समर्थन कर रहे हैं। एसडीएम ने जो रवैया अपनाया है। यह सरासर गलत है। बार एसोसिएशन कोई भी रणनीति तैयार करेंगा, उसके साथ खड़े रहेंगे।-रमेश बोहरा, वरिष्ठ अधिवक्ता

एसडीएम ने जो कार्यशैली अपनाई है। वह गलत है। जब तक एसडीएम का रवैया नहीं परिवर्तित हो जाता तब तक कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। कोर्ट में एसडीएम के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है।- बाबूलाल यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता

एसडीएम की कार्यशैली को लेकर बार एसोसिएशन के अधिवक्ता मिल चुके है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। कोर्ट के दौरान वकीलों को शाम छह बजे तक इंतजार करवाती रहती हैं। नहीं पहुंचने पर अगली तारीख लगाई जाती है।- आलोक खैरवाल, अधिवक्ता
-
एसडीएम पब्लिक डीलिंग सही से नहीं कर पा रही हैं। इसको लेकर लोग परेशान हो रहे हैं। ज्यादातर वे लोग परेशान हैं जिनका एसडीएम कोर्ट में केस चल रहा है। उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।- रविंद्र यादव, पूर्व प्रधान बार एसोसिएशन

एसडीएम के कार्यशैली को लेकर बार एसोसिएशन में काफी रोष है। यदि एसडीएम की कार्यशैली में परिवर्तन नहीं आता है तो वे उच्च अधिकारियों से मिलेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा जाएगा।- विनोद तंवर, वरिष्ठ अधिवक्ता
विज्ञापन

-
अधिवक्ताओं की बार-बार शिकायत आ रही थी। बार एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल वीरवार को एसडीएम से मिला लेकिन कोई नतीजा न निकलने के कारण बैठक बुलाकर एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया गया। एसडीएम यदि मंगलवार तक नहीं मानती हैं तो बैठक कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
- संदीप, प्रधान, बार एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें