नारनौल। लक्ष्य फाउंडेशन की ओर से प्रसिद्ध पुस्तक बैटल ऑफ नारनौल के लेखकों कुलप्रीत यादव व मधुर राव को सम्मानित किया गया। इस दौरान इतिहास प्रेमियों, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों व समाजसेवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
दोनों लेखकों ने बैटल ऑफ नारनौल पुस्तक के माध्यम से यहां के ऐतिहासिक युद्ध, उसके सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रभावों को गहन शोध के साथ प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक क्षेत्र के इतिहास को समझने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मील का पत्थर मानी जा रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक ओमप्रकाश यादव रहे। इस मौके पर विधायक यादव ने कहा कि नारनौल का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश इसकी अनेक ऐतिहासिक घटनाएं पुस्तकों में सीमित रूप से ही दर्ज हो पाई हैं।
फाउंडेशन के जनरल सचिव सोमेश यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पुस्तक का विमोचन या परिचय कराना नहीं, बल्कि इतिहास लेखन को प्रोत्साहित करना और स्थानीय इतिहास को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
लेखक कुलप्रीत यादव ने अपने वक्तव्य में पुस्तक के लेखन की प्रक्रिया, शोध के दौरान सामने आए ऐतिहासिक तथ्यों और दस्तावेजों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक को लिखने में कई वर्षों का अध्ययन, अभिलेखागारों की खोज और स्थानीय जनश्रुतियों का सहारा लिया गया है। वहीं सह-लेखक मधुर राव ने बताया कि इस पुस्तक का उद्देश्य केवल इतिहास बताना नहीं, बल्कि उस दौर की परिस्थितियों को समझाकर पाठकों को सोचने पर मजबूर करना है।
कार्यक्रम के दौरान दोनों लेखकों को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्धजन, युवा, छात्र व इतिहास प्रेमी मौजूद रहे।